क्रिकेट में सबसे ज्यादा बार 0 पर आउट होने वाले खिलाड़ी: टॉप-10 में कई दिग्गज शामिल 

क्रिकेट में सबसे ज्यादा बार 0  पर आउट होने वाले खिलाड़ी

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा बार 0  पर आउट होने वाले खिलाड़ी कौन हैं? क्रिकेट इतिहास में यह एक ऐसा अनोखा रिकॉर्ड है, जिसमें कई दिग्गज क्रिकेटरों के नाम शामिल हैं। लंबे समय तक टेस्ट और वनडे क्रिकेट खेलने वाले कुछ खिलाड़ी अपने शानदार करियर के बावजूद कई बार बिना कोई रन बनाए पवेलियन लौटे। दिलचस्प बात यह है कि इस सूची में महान गेंदबाजों के साथ साथ कुछ प्रसिद्ध बल्लेबाज भी शामिल हैं। इस लेख में जानिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा बार डक पर आउट होने वाले टॉप खिलाड़ियों के नाम, वे टेस्ट, ODI और T20I में कितनी बार 0 पर आउट हुए, उनके महान रिकॉर्ड, टीम में भूमिका और क्रिकेट करियर से जुड़ी पूरी जानकारी।

क्रिकेट में सबसे ज्यादा बार 0 पर आउट होने वाले खिलाड़ी की लिस्ट:

सबसे ज्यादा बार 0 पर आउट होने वाले खिलाड़ी की सूची में कई ऐसे दिग्गज नाम शामिल हैं, जिन्होंने गेंदबाजी या बल्लेबाजी में शानदार रिकॉर्ड बनाए, लेकिन बल्लेबाजी करते हुए सबसे अधिक बार डक का सामना भी किया। इस सूची में श्रीलंका के महान स्पिनर मुथैया मुरलीधरन, वेस्टइंडीज के कर्टनी वॉल्श, ऑस्ट्रेलिया के ग्लेन मैक्ग्रा और इंग्लैंड के स्टुअर्ट ब्रॉड जैसे बड़े खिलाड़ी शामिल हैं।

मुथैया मुरलीधरन – 59 बार डक: (Muttiah Muralitharan) 

मुथैया मुरलीधरन (Muttiah Muralitharan) श्रीलंका के महान क्रिकेटर और मुख्य रूप से एक विशेषज्ञ गेंदबाज (Bowler) है। टीम में उनकी मुख्य भूमिका एक स्पिन गेंदबाजी की थी। उनकी गेंदबाजी शैली (Bowling Style) दाएं हाथ के ऑफ-स्पिनर (Right-arm off-break) और बल्लेबाजी शैली दाएं हाथ के बल्लेबाज थे। 

मुथैया मुरलीधरन कितनी बार 0 पर आउट हुए?(How Many Times Was Muttiah Muralitharan Dismissed for a Duck?) 

सबसे ज्यादा बार 0 पर आउट होने वाले खिलाड़ी की सूची में मुरलीधरन का नाम शीर्ष पर है। मुरलीधरन टेस्ट, ODI और T20I को मिलाकर कुल 59 बार शून्य पर आउट हुए। टेस्ट क्रिकेट (Test) में – 33 बार, वनडे क्रिकेट (ODI) में  –  25 बार, टी20 अंतरराष्ट्रीय (T20I) में – 1 बार वो शून्य पर आउट हुए।

मुरलीधरन एक ऑफ-स्पिनर थे। इसलिए उनकी गेंदबाजी का मुख्य आधार ऑफ-ब्रेक था, लेकिन उनकी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सफलता सिर्फ एक गेंद पर निर्भर नहीं रही। वह अपनी अलग-अलग स्पिन गेंद, गति और टर्न से बल्लेबाजों को परेशान करते थे। वो अपनी गेंद में मुख्य रूप से ऑफ-ब्रेक और दूसरा का इस्तेमाल करते थे। 

ऑफ-ब्रेक (Off-break)

ऑफ-ब्रेक मुरलीधरन की मुख्य गेंद थी इस गेंद को वो अपनी उंगलियों की मदद से घुमाते थे और इस दाएं हाथ के ऑफ-स्पिनर गेंदबाज को इस गेंद पर पिच से काफी जबरदस्त टर्न हासिल होता था। और उनका ये टर्न बल्लेबाजों को काफी भ्रमित करता था। 

मुरलीधरन की असाधारण टर्न लेने वाली ऑफ-स्पिन काफी घातक होती थी। यही कारण था कि बल्लेबाज उन्हें अक्सर गलत दिशा में खेलने के लिए मजबूर होते थे। और अपना विकेट गवा बैठते। 

दूसरा (Doosra)

ऑफ-ब्रेक के विपरीत दिशा में घूमने वाली इस गेंद को पढ़नें और खेलने में बल्लेबाजों को बहुत दिक्कत होती थी। एक बल्लेबाज के लिए उनकी सामान्य ऑफ-ब्रेक और दूसरा के बीच अंतर पहचानना बेहद मुश्किल था। एक दाएं हाथ के ऑफ-स्पिनर होने के नाते उनकी सबसे चर्चित वाली गेंद दूसरा (Doosra) थी। 

गेंद पर अत्यधिक स्पिन देना, गति में बदलाव करना, लाइन और लेंथ पर नियंत्रण और बल्लेबाज को टर्न की दिशा समझने में भ्रमित करना मुरलीधरन की गेंदबाजी की मुख्य ताकत थी। क्या मुरलीधरन गूगली फेंकते थे? सीधा सा जबाब, नहीं गूगली उनकी मुख्य या प्रसिद्ध गेंद नहीं थी।  

ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 1992 में अपने टेस्ट करियर की शुरुआत करने वाले मुरलीधरन लगभग 19 साल तक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सक्रिय रहे मुरलीधरन ने अपना अंतिम टेस्ट मैच भारत के खिलाफ 22 जुलाई 2010 में खेला और उसी मैच की आखिरी गेंद पर उन्होंने अपना 800वां टेस्ट विकेट हासिल किया। 

अपने 800 विकेट के रूप में उन्होंने प्रज्ञान ओझा को महेला जयवर्धने के हाथों पहले स्लिप में कैच करवाया। मुरली ने 133 टेस्ट मैचों में कुल 800 विकेट झटके जिसमें रेकॉर्ड 67 बार 5 विकेट हॉल शामिल है। 

मुरलीधरन के नाम इंटरनैशनल क्रिकेट में 1347 विकेट दर्ज हैं। इनमें टेस्ट के 800, वनडे के 534 और टी20 के 13 विकेट शामिल हैं। मुरलीधरन को जून 2017 में आईसीसी क्रिकेट हॉल ऑफ फेम में शामिल किया गया था।

कर्टनी वॉल्श (Courtney Walsh) -54 बार डक:

कर्टनी एंड्रयू वॉल्श (Courtney Andrew Walsh) वेस्टइंडीज के महान तेज गेंदबाज थे। सबसे ज्यादा बार 0 पर आउट होने वाले खिलाड़ी की सूची में उनका स्थान टॉप 2 में है। टीम में उनकी मुख्य भूमिका विशेषज्ञ तेज गेंदबाज की थी। कर्टनी वॉल्श मुख्य रूप से गेंदबाज थे और अक्सर निचले क्रम में बल्लेबाजी करते थे। 

वॉल्श ने कोई T20I मैच नहीं खेला। इस प्रकार टेस्ट + ODI + T20I को मिलाकर वे कुल 54 बार डक पर आउट हुए। टेस्ट क्रिकेट में  – 43 बार, ODI – 11 बार और T20I- 0 बार शून्य पर आउट हुए। 

कर्टनी वॉल्श की टीम में मुख्य भूमिका तेज गेंदबाजी थी और वह निचले क्रम के बल्लेबाज थे। टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा बार 0 पर आउट होने का रिकॉर्ड कर्टनी वॉल्श के नाम है वो 43 बार 0 पर आउट हुए हैं। 

कर्टनी वॉल्श एक दाएं हाथ के तेज गेंदबाज थे। उनकी गेंदबाजी की ताकत सिर्फ तेज गति नहीं, बल्कि उछाल, सीम मूवमेंट और सटीक लाइन-लेंथ थी। कर्टनी वॉल्श एक लंबे कद-काठी के गेंदबाज थे। 

शुभमन गिल के रिकॉर्ड में उनके द्वारा खेली गयी 269 रन की पारी एशिया के बाहर किसी भी भारतीय बल्लेबाज द्वारा बनाए गए सबसे बड़े टेस्ट स्कोर की सूची में भी शीर्ष पर है।

उनकी उछाल और बाहर जाती गेंदें बल्लेबाजों के लिए मुश्किल पैदा करती थीं। उन्होंने अपने करियर में 132 टेस्ट मैचों में 519 विकेट लिए। उनका यह प्रभावशीलता प्रदर्शन उनकी योग्यता को साफ दर्शाता है।  

कर्टनी वॉल्श टेस्ट क्रिकेट इतिहास में 500 विकेट का आंकड़ा छूने वाले पहले गेंदबाज बने थे। उन्होंने अपने करियर में  22 बार पांच विकेट और 3 बार मैचों में 10 विकेट लिए। कर्टनी वॉल्श ने 205 ODI मैचों में 227 विकेट लिए। ODI क्रिकेट में उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 5/1 था, जो उन्होंने 1986 में श्रीलंका के खिलाफ  किया था। 

सनथ जयसूर्या (Sanath Jayasuriya) – 53 बार डक: 

सनथ जयसूर्या (Sanath Jayasuriya) श्रीलंका के महान क्रिकेटर और एक शानदार बल्लेबाज ऑलराउंडर थे। वो सलामी बल्लेबाज के रूप में एक बाएं हाथ के विस्फोटक बल्लेबाज और उपयोगी लेफ्ट-आर्म ऑर्थोडॉक्स स्पिन गेंदबाज भी थे। 

सनथ जयसूर्या कितनी बार 0 पर आउट हुए? | How Many Times Was Sanath Jayasuriya Dismissed for a Duck? 

सनथ जयसूर्या एक आक्रामक बल्लेबाज थे और अपने लंबे अंतरराष्ट्रीय करियर के दौरान वो कुल 53 बार डक पर आउट हुए। वो टेस्ट – 15 बार, ODI – 34 बार और T20I – 4 बार शून्य पर आउट हुए। 

सनथ जयसूर्या 53 बार अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में शून्य पर आउट हुए, लेकिन क्रिकेट में उनकी पहचान डक के आंकड़ों से नहीं बल्कि उस निडर बल्लेबाजी से बनी। कट शॉट, पुल शॉट, ऑफ साइड और स्ट्रेट ड्राइव और लॉफ्टेड शॉट (गेंदबाज के सिर के ऊपर से शॉट) खेलने में उन्हें काफी महारथ हासिल थी। 

सनथ जयसूर्या ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपना पहला मैच 26 दिसंबर 1989 को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ODI खेलकर शुरू किया था। और उनके अंतरराष्ट्रीय करियर का आखिरी मैच 28 जून 2011 का ODI था। 

ग्लेन मैक्ग्रा (Glenn McGrath) – 49 बार डक: 

ग्लेन डोनाल्ड मैक्ग्रा (Glenn Donald McGrath) ऑस्ट्रेलिया के महान तेज गेंदबाज थे। उनकी टीम में मुख्य भूमिका विशेषज्ञ तेज गेंदबाज की रही है। उनकी गेंदबाजी शैली (Bowling Style) Right-arm fast-medium और बल्लेबाजी शैली (Batting Style) Right-hand bat है। 

ग्लेन मैक्ग्रा कितनी बार 0 पर आउट हुए? | How Many Times Was Glenn McGrath Dismissed for a Duck?

ग्लेन मैक्ग्रा मुख्य रूप से एक गेंदबाज थे और आमतौर पर निचले क्रम में बल्लेबाजी करते थे। टेस्ट, ODI क्रिकेट, T20I को मिलाकर ग्लेन मैक्ग्रा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कुल 49 बार शून्य पर आउट हुए। वो टेस्ट – 35 बार , ODI – 14 बार और T20I – 0 बार शून्य पर आउट हुए। 

ग्लेन मैक्ग्रा तेज गति से ज्यादा अपनी लाइन, लेंथ, सीम मूवमेंट और सटीकता के लिए प्रसिद्ध थे। आउटस्विंगर और इनस्विंगर यह उनकी महत्वपूर्ण गेंदों में से एक थी। मैक्ग्रा की गेंदबाजी में सीम मूवमेंट बेहद महत्वपूर्ण था। पिच से मदद मिलने पर वह गेंद को हल्का मूव कराकर विकेट हासिल करते थे।

उनकी स्लोअर बॉल बल्लेबाज को भ्रमित करने के लिए काफी थी। ऑफ स्टंप के आसपास लगातार एक ही जगह गेंद डालने की ग्लेन मैक्ग्रा की कला ने उन्हें क्रिकेट इतिहास के महानतम तेज गेंदबाजों में शामिल कर दिया।  

तेज-मध्यम गति, शानदार लाइन-लेंथ, सीम मूवमेंट और उछाल ग्लेन मैक्ग्रा गेंदबाजी की मुख्य ताकत थी। उनकी गेंदबाजी की आक्रमकता का अनुमान उनके 124 टेस्ट में 563 विकेट और 250 ODI में 381 विकेट से लगाया जा सकता है। 

स्टुअर्ट ब्रॉड (Stuart Broad) – 49 बार डक: 

स्टुअर्ट ब्रॉड मुख्य रूप से इंग्लैंड के एक तेज-मध्यम गेंदबाज थे, लेकिन टेस्ट क्रिकेट में उनका प्रदर्शन कुछ अलग रहा उन्होंने अपने टेस्ट करियर में एक शतक और 13 अर्धशतक लगाकर अपनी क्षमता का एक अगल परिचित दिया। 

स्टुअर्ट ब्रॉड अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कुल 49 बार शून्य पर आउट हुए। 

टेस्ट – 39 बार

ODI – 8 बार

T20I- 2 बार वो शून्य पर आउट हुए है। 

स्टुअर्ट ब्रॉड (Stuart Broad) ने अपने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट करियर में अपनी 6 फीट 5 इंच की एक आदर्श लंबाई के साथ, आउटस्विंगर, इनस्विंगर, सीम मूवमेंट और बाउंसर का बेहतरीन उपयोग किया है। स्टुअर्ट ब्रॉड ने अपने टेस्ट करियर में 167 टेस्ट मैचों में 604 विकेट लिए है। 

उनके टेस्ट करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 15 रन देकर 8 विकेट रहा है। स्टुअर्ट ब्रॉड ने टेस्ट क्रिकेट में 20 बार पांच या उससे ज्यादा विकेट 3 बार मैच में 10 विकेट या उससे अधिक विकेट लिए है। 

अपने लगभग 17 साल का अंतरराष्ट्रीय करियर में उन्होंने कुल 847 अंतरराष्ट्रीय विकेट लिए है। 

टेस्ट – 604 विकेट

ODI – 178 विकेट

T20I –  65 विकेट उन्होंने अपने नाम किये। 

महेला जयवर्धने (Mahela Jayawardene) – 47 बार डक: 

महेला जयवर्धने (Mahela Jayawardene) भी सबसे ज्यादा बार 0 पर आउट होने वाले खिलाड़ी की सूची में शामिल है वो श्रीलंका के महान और दिग्गज बल्लेबाज रहे हैं। टीम में उनकी मुख्य भूमिका टॉप/मिडिल ऑर्डर बल्लेबाज  की थी। वह अपनी शानदार तकनीक, टाइमिंग और स्लिप फील्डिंग के लिए जाने जाते है।

महेला जयवर्धने कितनी बार 0 पर आउट हुए? | How Many Times Was Mahela Jayawardene Dismissed for a Duck?

जयवर्धने का अंतरराष्ट्रीय करियर 1997 से 2015 तक रहा। इस दौरान वे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कुल 47 बार शून्य पर आउट हुए। 

टेस्ट – 15 बार

वनडे – 28 बार

T20I – 4 बार वो शून्य पर आउट हुए हैं। 

महेला जयवर्धने अपनी बेहतरीन फुटवर्क, शानदार टाइमिंग, मजबूत तकनीक और लंबी पारियां खेलने की क्षमता के लिए जाने जाते है। ऑफ-साइड में उनके आकर्षक शॉट और स्पिनरों के खिलाफ पैरों का अच्छा इस्तेमाल उनको एक महान बल्लेबाज बनाता है।

कवर ड्राइव, स्क्वायर कट, लेट कट और फ्लिक शॉट उनके बेहतरीन शॉट में से एक थे। ऑफ-साइड में उनका कवर ड्राइव बेहद आकर्षक था। सही टाइमिंग के साथ खेला गया यह शॉट उनकी तकनीकी बल्लेबाजी का महत्वपूर्ण हिस्सा था। लेग स्टंप की दिशा में आती गेंदों को कलाई के इस्तेमाल से फ्लिक करना उनकी शानदार बैटिंग क्षमता को प्रदर्शित करता था। 

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महेला जयवर्धने टेस्ट क्रिकेट में 10,000 रन पूरे करने वाले पहले श्रीलंकाई बल्लेबाज थे उन्होंने अपने टेस्ट करियर में 149 टेस्ट मैचों में कुल 11,814 रन बनाये। और श्रीलंका की तरफ से सबसे ज्यादा टेस्ट मैच भी खेले। 

2006 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ महेला जयवर्धने और कुमार संगकारा ने तीसरे विकेट के लिए रिकॉर्ड 624 रन की साझेदारी की इन दोनों की यह साझेदारी एक लंबे समय तक विश्व रिकॉर्ड रही। 

महेला जयवर्धने एक बेहतरीन फील्डर माने जाते थे उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में  205 कैच पकड़े और अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में 51 शतक लगाए। 

डेनियल विटोरी (Daniel Vettori) – 46 बार डक 

डेनियल विटोरी (Daniel Vettori) न्यूजीलैंड के महान क्रिकेटरों में शामिल रहे है। वह मुख्य रूप से एक स्पिन-बॉलिंग ऑलराउंडर रहे है। विटोरी ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 700 से ज्यादा विकेट और लगभग 7,000 रन बनाए है।

डेनियल विटोरी कितनी बार 0 पर आउट हुए? | How Many Times Was Daniel Vettori Dismissed for a Duck? 

डेनियल विटोरी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कुल 46 बार शून्य पर आउट हुए। 

टेस्ट – 20 बार

ODI – 23 बार

T20I – 3 बार वो शून्य पर आउट हुए हैं। 

डेनियल विटोरी बाएं हाथ के बल्लेबाज थे। टीम में उनकी मुख्य पहचान गेंदबाज की थी, लेकिन वह निचले और मध्यक्रम में उपयोगी बल्लेबाज थे। टेस्ट क्रिकेट में डेनियल विटोरी ने 4,531 रन बनाये जसमे 6 शतक और 23 अर्धशतक शामिल थे। डेनियल विटोरी का टेस्ट क्रिकेट में सर्वोच्च स्कोर 140 रन है। 

उनकी बल्लेबाजी शैली में सामान्य रूप से ड्राइव, कट शॉट, फ्लिक और गेंद को गैप में खेलना जैसे शॉट शामिल है। उनकी खेल शैली उपयोगी निचले क्रम की बल्लेबाजी और लंबी साझेदारियां बनाने की क्षमता के लिए जानी जाती थी। 

डेनियल विटोरी एक बल्लेबाज के साथ साथ एक स्लो लेफ्ट-आर्म ऑर्थोडॉक्स स्पिनर भी थे।  उनकी स्पिन गेंद दाएं हाथ के बल्लेबाज के खिलाफ ऑफ स्टंप की दिशा से लेग साइड की ओर टर्न करती थी। इसके अलावा आर्म बॉल, फ्लाइटेड डिलीवरी, गति, लाइन और लेंथ में बदलाव उनकी गेंदबाजी शैली की मुख्य विशेषता थी। 

डेनियल विटोरी न्यूजीलैंड के लिए ODI में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले खिलाड़ी हैं। उन्होंने ODI क्रिकेट में 305 विकेट लिए है और टेस्ट क्रिकेट में उनके 362 विकेट है। डेनियल विटोरी ने अपने लगभग 18 साल के लंबे अंतरराष्ट्रीय करियर में कुल 705 विकेट लिए है साथ ही उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 6,989 रन भी बनाए है जो उनके शानदार ऑलराउंड प्रदर्शन को दर्शाता है। 

टेस्ट क्रिकेट में डेनियल विटोरी सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 12 विकेट रहा है यह पारी उन्होंने ऑकलैंड टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेली थी इस टेस्ट में  उन्होंने पहली पारी 5/62 विकेट और दूसरी पारी 7/87 विकेट लिए थे। 

विटोरी का अंतरराष्ट्रीय करियर बहुत लंबा रहा और उन्होंने तीनों प्रारूपों में न्यूजीलैंड का प्रतिनिधित्व किया। इसी लंबे करियर के कारण उन्हें बल्लेबाजी के भी काफी मौके मिले और उनकी  डक संख्या बढ़ती गई। 

जेम्स एंडरसन (James Anderson) – 45 बार डक

सबसे ज्यादा बार 0 पर आउट होने वाले खिलाड़ी की लिस्ट में जेम्स एंडरसन (James Anderson) का नाम भी दर्ज है। जेम्स इंग्लैंड के महानतम तेज गेंदबाजों में से एक रहे हैं। उनकी स्विंग गेंदबाजी ने उन्हें विश्व क्रिकेट में एक नई पहचान दी। जेम्स एंडरसन की मुख्य भूमिका एक तेज गेंदबाज की रही है। 

जेम्स एंडरसन कितनी बार 0 पर आउट हुए? | How Many Times Was James Anderson Dismissed for a Duck? 

जेम्स एंडरसन अपने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट करियर में  कुल 45 बार शून्य पर आउट हुए। 

टेस्ट – 34 बार

ODI – 10 बार

T20I- 1 बार वो शून्य पर आउट हुए हैं।

उनकी बेहतरीन स्विंग गेंदबाजी के कारण उन्हें द किंग ऑफ स्विंग भी कहा जाता है। गेंदबाजी में उनकी सबसे बड़ी ताकत गेंद को हवा और सीम से मूव कराना थी। उनकी आउटस्विंगर सबसे प्रसिद्ध और खतरनाक गेंदों में से एक थी। 

वो इस गेंद को दाएं हाथ के बल्लेबाजों के खिलाफ वह ऑफ स्टंप के बाहर से स्विंग कराकर किनारा निकलवाते थे। और बल्लेबाज अपना विकेट गवा देता था। इस गेंद के अलावा इनस्विंगर, रिवर्स स्विंग, सीम गेंद और कटर और धीमी गेंद उनकी गेंदबाजी की मुख्य विशेषता थी। 

एंडरसन में गेंद को आखिरी क्षणों में स्विंग कराने की अद्भुत क्षमता थी उनकी लेट आउटस्विंगर को बल्लेबाज अक्सर सीधा गेंद समझकर शॉट खेलता था, लेकिन देर से बाहर निकलती गेंद बल्ले का किनारा लेकर स्लिप में पहुंच जाती थी। 

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मुथैया मुरलीधरन और शेन वॉर्न के बाद जेम्स एंडरसन टेस्ट क्रिकेट में तीसरे सबसे सफल विकेट लेने वाले गेंदबाज हैं और तेज गेंदबाजों में नंबर पर है उनके नाम टेस्ट में 704 विकेट है। 2024 में भारत के खिलाफ धर्मशाला टेस्ट के दौरान एंडरसन ने अपना 700वां विकेट लिए था। 

टेस्ट क्रिकेट में उन्होंने 32 बार पांच या अधिक विकेट और 3 बार मैच में 10 विकेट लिए है। एंडरसन ने अपने 22 साल के लंबे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट करियर में कुल 991 विकेट लिए। जेम्स एंडरसन मुख्य रूप से गेंदबाज थे, लेकिन उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में उपयोगी पारियां भी खेलीं उनका टेस्ट में सर्वोच्च स्कोर 81 रन रहा है।  

वसीम अकरम (Wasim Akram) 45 बार डक: 

पाकिस्तान के इस बाएं हाथ के तेज गेंदबाज की सबसे बड़ी पहचान उनकी घातक स्विंग और रिवर्स स्विंग गेंदबाजी थी। उनकी स्विंग गेंदबाजी के कारण उन्हें क्रिकेट जगत में Sultan of Swing के नाम से भी जाना जाता है। वसीम अकरम की मुख्य भूमिका तेज गेंदबाज की रही है और वो निचले क्रम में उपयोगी बल्लेबाजी के लिए भी जाने जाते हैं वसीम अकरम का टेस्ट क्रिकेट में सर्वोच्च स्कोर 257 रन नाबाद है। उनका यह स्कोर उनकी बैटिंग क्षमता को पूर्ण रूप से प्रदर्शित करता है। 

वसीम अकरम कितनी बार 0 पर आउट हुए? | How Many Times Was Wasim Akram Dismissed for a Duck? 

वसीम अकरम अपने 18 साल के लंबे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट करियर में कुल 45 बार शून्य पर आउट हुए हैं। 

टेस्ट – 17 बार

ODI – 28 बार

T20I – 0 बार शून्य पर आउट हुए हैं। 

दाएं हाथ के बल्लेबाजों के खिलाफ वसीम अकरम की  आउटस्विंगर बेहद खतरनाक होती थी उनकी यह गेंद बल्लेबाज से दूर निकलती थी और स्लिप में कैच का मौका बनाती थी। वसीम अकरम की सबसे बड़ी पहचान रिवर्स स्विंग थी। वे पुरानी गेंद से विकेट के दोनों दिशाओं में तेज रिवर्स स्विंग करने में पूर्ण रूप से सक्षम थे। 

इसके अलावा उनकी इनस्विंगर, यॉर्कर, बाउंसर और कटर और सीम मूवमेंट भी बहुत सिटीक और खतरनाक होती थी। वो पिच से मिलने वाली मदद का फायदा उठाकर गेंद को सीम से भी मूव करा सकते थे वे स्विंग और सीम दोनों के मास्टर थे। 

वसीम अकरम ने अपने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट करियर में कुल 916 विकेट लिए। वह केवल गेंदबाज ही नहीं, बल्कि निचले क्रम के एक उपयोगी बल्लेबाज भी थे। उन्होंने 8 नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए जिम्बाब्वे के खिलाफ 1996 में 257 रन की एक नाबाद पारी खेली थी। 

उन्होंने अपने टेस्ट करियर में 25 बार 5 या इससे ज्यादा विकेट और 5 बार एक टेस्ट मैच में 10 विकेट लिए है। उनका यह रिकॉर्ड उनकी बेहतरीन गेंदबाजी प्रदर्शन को बहुत बारीकी से दर्शाता है। और उन्हें विश्व के गिने चुने बेहतरीन गेंदबाजों की सूची में शामिल करता है। 

जहीर खान (Zaheer Khan) 44 डक:

जहीर खान (Zaheer Khan) भारतीय क्रिकेट के महानतम तेज गेंदबाजों में से एक हैं। बाएं हाथ के तेज गेंदबाज जहीर अपनी स्विंग, रिवर्स स्विंग और खासकर बाद के करियर में नकल बॉल  के लिए काफी प्रसिद्ध रहे है। भारत की 2011 विश्व कप जीत में उनका योगदान बेहद महत्वपूर्ण था।

जहीर खान कितनी बार 0 पर आउट हुए? | How Many Times Was Zaheer Khan Dismissed for a Duck? 

जहीर खान ने लगभग 13 साल तक भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेला। और वो अपने इस लंबे क्रिकेट करियर में कुल 44 बार शून्य पर आउट हुए। 

टेस्ट – 29 बार

ODI – 15 बार

T20I – 0 बार  वो शून्य पर आउट हुए। 

जहीर खान एक बेहद चतुर तेज गेंदबाज थे। उनकी गेंदबाजी सिर्फ गति पर आधारित नहीं थी बल्कि कई विविधताओं पर भी निर्भर थी। नई गेंद से उनकी आउटस्विंगर दाएं हाथ के बल्लेबाजों के लिए काफी खतरनाक थी। वह बल्लेबाज को ड्राइव खेलने के लिए मजबूर करके बाहरी किनारा निकलवाते थे। 

जहीर की इनस्विंगर भी काफी खतरनाक थी जहीर गेंद को अंदर की तरफ भी स्विंग कराने में माहिर थे यही उनकी गेंदबाजी को ज्यादा खतरनाक बनाता था क्योंकि बल्लेबाज के लिए यह समझना काफी कठिन होता था कि गेंद अब अंदर आएगी या बाहर जाएगी। 

नकल बॉल (Knuckleball) यह गेंद जहीर खान की सबसे चर्चित गेंदों में से एक थी। 2011 विश्व कप से पहले उन्होंने इस गेंद पर काफी काम किया और उन्होंने टूर्नामेंट में इस गेंद को इस्तेमाल भी किया। 

क्रिकेट की दुनिया मे विरार फास्ट के नाम से अपनी पहचान बनाने वाले आयुष म्हात्रे का सम्बंध मुंबई से रहा है।

इसके अलावा रिवर्स स्विंग, यॉर्कर, स्लोअर बॉल और बाउंसर उनकी गेंदबाजी की मुख्य ताकत है। जहीर खान भारत के लिए ODI क्रिकेट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाजों की सूची में चौथे स्थान पर रहे है। 

टेस्ट क्रिकेट में जहीर खान का सर्वोच्च स्कोर 75 रन है जो उन्होंने 11 नंबर पर बैटिंग करते हुए बांग्लादेश के खिलाफ 2004 में बनाया था। टेस्ट क्रिकेट में उन्होंने 1231 रन बनाए जिसमे 3 अर्धशतक शामिल थे। टेस्ट में उनके नाम 311 विकेट दर्ज है  

शेन वॉर्न (Shane Warne) –  44 डक:

शेन वॉर्न (Shane Warne) क्रिकेट इतिहास के महानतम स्पिन गेंदबाजों में से एक हैं। ऑस्ट्रेलिया के इस महान लेग-स्पिनर ने अपनी लेग ब्रेक, गूगली और फ्लिपर से दुनिया के बड़े बड़े दिग्गज बल्लेबाजों को परेशान किया। शेन वॉर्न के नाम टेस्ट क्रिकेट में 708 विकेट दर्ज हैं।

शेन वॉर्न कितनी बार 0 पर आउट हुए? | How Many Times Was Shane Warne Dismissed for a Duck?

शेन वॉर्न अपने लगभग 15 साल के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट करियर में कुल 44 बार शून्य पर आउट हुए है। 

टेस्ट  – 34 बार

ODI – 10 बार

T20I- 0 बार वो शून्य पर आउट हुए

शेन वॉर्न एक राइट-आर्म लेग-स्पिन गेंदबाज थे। उनके पास कई शानदार गेंदबाजी ऑप्शन थे। दाएं हाथ के बल्लेबाज के लिए उनकी लेग ब्रेक गेंद पिच पर गिरने के बाद लेग स्टंप से ऑफ स्टंप की दिशा में घूमती थी। और बल्लेबाज का छकाती थी। वार्न के पास हर गेंद का असाधारण नियंत्रण था। 

गूगली उनकी महत्वपूर्ण गेंदों में से एक थी। लेग ब्रेक की अपेक्षा गूगली विपरीत दिशा में घूमती है, जिस कारण बल्लेबाज  को गेंद को पढ़ने और समझने में काफी मुश्किल होती थी। 

फ्लिपर शेन वॉर्न के सबसे प्रसिद्ध गेंदों में से एक थी। उनकी यह गेंद काफी तेज और नीचे रहती थी। बल्लेबाज अक्सर इसे एक स्पिन गेंद समझकर खेलने जाता पर वह इस गेंद पर या तो LBW  या फिर बोल्ड हो जाता। 

लेग ब्रेक, फ्लिपर, स्लाइडर और गूगली शेन वॉर्न की गेंदबाजी की मुख्य ताकत थी। उनकी ये गेंदे किसी भी बल्लेबाजों को चकमा देने में बेहद प्रभावी थीं। 

शेन वॉर्न की सबसे प्रसिद्ध गेंद बॉल ऑफ द सेंचुरी (Ball of the Century) के नाम से जानी जाती है। 1993 की एशेज सीरीज में इंग्लैंड के बल्लेबाज माइक गैटिंग को उन्होंने ऐसी शानदार लेग ब्रेक पर बोल्ड किया कि सब चकित रह गए। गेंद इतनी ज्यादा घूमी कि बल्लेबाज को पूरी तरह चकमा खा गया। उनकी यह  डिलीवरी आज भी क्रिकेट इतिहास की सबसे महान गेंदों में गिनी जाती है।

शेन वार्न  ने 37 बार पांच या उससे अधिक विकेट और 10 बार एक टेस्ट मैच में 10 या उससे ज्यादा विकेट लिए है। शेन वॉर्न मुख्य रूप से गेंदबाज थे, लेकिन निचले क्रम के एक उपयोगी बल्लेबाजी भी थे। उन्होंने टेस्ट में 3,154 रन बनाये जसमे 12 अर्धशतक भी शामिल थे टेस्ट में उनका सर्वोच्च स्कोर 99 रन रहा है। 

निष्कर्ष: 

सबसे ज्यादा बार 0 पर आउट होने वाले खिलाड़ी की सूची से स्प्ष्ट हैं कई बार सबसे महान खिलाड़ी भी बिना खाता खोले मैदान से लौटे हैं। इस सूची में शामिल दिग्गजों ने भले ही अपने करियर में कई डक बनाए हों, लेकिन उनकी असली पहचान उन शून्य से नहीं, बल्कि मैदान पर बनाए गए हजारों रन, सैकड़ों विकेट और अपनी टीम के लिए किए गए यादगार योगदान से होती है। 

सबसे ज्यादा बार 0 पर आउट होने वाले खिलाड़ी से संबंधित FAQs

Q. अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा बार 0 पर आउट होने वाला खिलाड़ी कौन है?

Ans. अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा बार 0 पर आउट होने वाले खिलाड़ियों की सूची में कई दिग्गज क्रिकेटर शामिल हैं। इस रिकॉर्ड को टेस्ट, ODI और T20I के डक आंकड़ों को मिलाकर देखा जाता है।

Q. क्रिकेट में 0 पर आउट होने को क्या कहते हैं?

Ans. क्रिकेट में बिना कोई रन बनाए आउट होने को डक (Duck) कहा जाता है।

Q. क्या 0 पर नॉट आउट रहने को भी डक माना जाता है?

Ans. नहीं, 0 रन पर नॉट आउट रहने वाले बल्लेबाज के नाम डक दर्ज नहीं होता। डक तभी माना जाता है जब खिलाड़ी बिना रन बनाए आउट हो।

Q. पहली ही गेंद पर 0 पर आउट होने को क्या कहते हैं?

Ans. यदि कोई बल्लेबाज अपनी पहली ही गेंद पर बिना रन बनाए आउट हो जाता है, तो इसे गोल्डन डक (Golden Duck) कहा जाता है।

Q. टेस्ट मैच की दोनों पारियों में 0 पर आउट होने को क्या कहते हैं?

Ans. टेस्ट मैच की दोनों पारियों में बिना रन बनाए आउट होने को पेयर (Pair) कहा जाता है।

Q. 0 पर कई बार आउट होने के बावजूद ‘Ball of the Century’ फेंकने वाला खिलाड़ी कौन था?

Ans. यह रिकॉर्ड ऑस्ट्रेलिया के महान लेग स्पिनर शेन वॉर्न से जुड़ा है। उन्होंने 1993 की एशेज सीरीज में माइक गैटिंग को अपनी प्रसिद्ध ‘Ball of the Century’ पर बोल्ड किया था।

Q. सबसे ज्यादा बार 0 पर आउट होने वाले खिलाड़ी की सूची में कौन सा खिलाड़ी दुनिया के महानतम तेज गेंदबाजों में गिना जाता है?

Ans. इस सूची में ग्लेन मैक्ग्रा, कोर्टनी वॉल्श, वसीम अकरम और जेम्स एंडरसन जैसे महान तेज गेंदबाज शामिल हैं।

Q. सबसे ज्यादा बार 0 पर आउट होने वाले खिलाड़ी की सूची में कौन खिलाड़ी बल्लेबाज होने के बावजूद कई बार 0 पर आउट हुआ?

Ans. श्रीलंका के महान बल्लेबाज महेला जयवर्धने इस सूची में शामिल प्रमुख बल्लेबाजों में से एक हैं।

Q. सबसे ज्यादा बार 0 पर आउट होने वाले खिलाड़ी की सूची में भारत का कौन सा गेंदबाज शामिल है?

Ans. सबसे ज्यादा बार 0 पर आउट होने वाले खिलाड़ी की सूची में भारत के पूर्व बाएं हाथ के तेज गेंदबाज जहीर खान इस सूची में शामिल प्रमुख खिलाड़ियों में से एक हैं। 

Q. सबसे ज्यादा बार 0 पर आउट होने वाले खिलाड़ी की सूची में सबसे महान लेग स्पिनर कौन है। 

Ans. ऑस्ट्रेलिया के शेन वॉर्न को क्रिकेट इतिहास के महानतम लेग स्पिनरों में गिना जाता है

Q. क्या रन आउट होने पर भी खिलाड़ी के नाम डक दर्ज होता है?

Ans. हां, यदि बल्लेबाज बिना कोई रन बनाए रन आउट होता है, तो उसके नाम भी डक दर्ज किया जाता है।

Q. क्या महान क्रिकेटर भी कई बार 0 पर आउट हुए हैं?

Ans. हां, क्रिकेट इतिहास के कई महान खिलाड़ी अपने लंबे अंतरराष्ट्रीय करियर में कई बार बिना खाता खोले आउट हुए हैं।

Q. क्या ज्यादा मैच खेलने से डक की संख्या बढ़ सकती है?

Ans. हां, लंबे करियर में अधिक मैच और पारियां खेलने वाले खिलाड़ी के पास बिना रन बनाए आउट होने के अधिक अवसर होते हैं।

Q. क्या टेस्ट और ODI में डक के रिकॉर्ड अलग-अलग होते हैं?

Ans. हां, टेस्ट, ODI और T20I तीनों प्रारूपों में डक के आंकड़े अलग-अलग दर्ज किए जाते हैं।

Q. क्या T20I क्रिकेट में भी खिलाड़ी 0 पर आउट होते हैं?

Ans. हां, T20I क्रिकेट में भी बल्लेबाज बिना कोई रन बनाए आउट हो सकते हैं। तेज रन बनाने के दबाव में यह संभावना अधिक रहती है।

Q. क्या किसी बल्लेबाज का 0 पर आउट होना हमेशा खराब प्रदर्शन माना जाता है?

Ans. जरूरी नहीं। क्रिकेट में एक पारी का प्रदर्शन किसी खिलाड़ी के पूरे करियर की क्षमता तय नहीं करता।

Q. लगातार दो पारियों में 0 पर आउट होने को क्या कहते हैं?

Ans. लगातार दो पारियों में बिना रन बनाए आउट होने को सामान्य रूप से लगातार दो डक कहा जाता है। टेस्ट मैच की दोनों पारियों में ऐसा होने पर इसे पेयर भी कहा जाता है।

Q. क्या तीनों अंतरराष्ट्रीय प्रारूपों के डक को जोड़ सकते हैं?

Ans. हां, किसी खिलाड़ी के टेस्ट, ODI और T20I में दर्ज डक को जोड़कर कुल अंतरराष्ट्रीय डक की संख्या निकाली जा सकती है।

Q. डक और गोल्डन डक में क्या अंतर है?

Ans. डक का मतलब बिना रन बनाए आउट होना है, जबकि गोल्डन डक का मतलब बल्लेबाज का अपनी पहली ही गेंद पर 0 पर आउट होना है।

Q. क्या बल्लेबाजों की तुलना में गेंदबाज ज्यादा बार 0 पर आउट होते हैं?

Ans. यह जरूरी नहीं है, लेकिन निचले क्रम में बल्लेबाजी करने वाले गेंदबाजों के नाम अक्सर अधिक डक दर्ज हो सकते हैं।

Q. क्रिकेट में डक का नाम Duck क्यों पड़ा?

Ans. माना जाता है कि 0 का आकार बत्तख के अंडे जैसा दिखाई देता है, इसलिए बिना रन बनाए आउट होने को डक या Duck कहा जाने लगा।

Q. क्या 0 रन बनाकर रिटायर्ड हर्ट होने पर डक माना जाता है?

Ans. आमतौर पर नहीं। यदि बल्लेबाज बिना आउट हुए रिटायर्ड हर्ट होता है, तो उसके नाम डक दर्ज नहीं किया जाता।

Q. क्या डक की संख्या से किसी खिलाड़ी की महानता तय की जा सकती है?

Ans. बिल्कुल नहीं। किसी खिलाड़ी की महानता उसके पूरे करियर, प्रदर्शन, रिकॉर्ड और टीम के लिए योगदान के आधार पर तय होती है, केवल डक की संख्या से नहीं। 

Q. क्रिकेट में सबसे ज्यादा 0 पर आउट होने वाला खिलाड़ी कौन है?

Ans. अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा बार शून्य पर आउट होने वाले खिलाड़ी की लिस्ट में श्रीलंका के पूर्व दिग्गज स्पिन गेंदबाज मुथैया मुरलीधरन के नाम है।

Q. विराट कोहली अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कितनी बार 0 पर आउट हुए हैं?

Ans. विराट कोहली अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अब तक 40 बार 0 पर आउट हुए हैं। इसमें टेस्ट क्रिकेट में 15 बार, ODI में 18 बार और T20I में 7 बार डक शामिल हैं।

Q. सचिन तेंदुलकर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कितनी बार 0 पर आउट हुए हैं?

Ans. सचिन तेंदुलकर अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में कुल 34 बार 0 पर आउट हुए। वह टेस्ट क्रिकेट में 14 बार और वनडे क्रिकेट में 20 बार बिना खाता खोले आउट हुए। 

Q. रोहित शर्मा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कितनी बार डक (शून्य) पर आउट हुए हैं?

Ans. रोहित शर्मा के नाम अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कुल 34 बार शून्य पर आउट हुए हैं। वह टेस्ट में 6 बार, ODI में 16 बार और T20I में 12 बार 0 पर आउट हुए हैं।

Q. ब्रायन लारा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कितनी बार 0 पर आउट हुए हैं?

Ans. वेस्टइंडीज के महान बल्लेबाज ब्रायन लारा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कुल 33 बार डक पर आउट हुए। वह टेस्ट क्रिकेट में 17 बार और ODI में 16 बार बिना कोई रन बनाए आउट हुए।

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