
Varun Chakravarthy Biography (वरुण चक्रवर्ती की जीवनी): वरुण चक्रवर्ती, जिनकी घूमती गेंदे बल्लेबाज के सामने एक चक्रव्यूह निर्मित करती है, जिस वक़्त रहते पढ़ पाना हर बल्लेबाज के लिये आसान नही होता। जिस कारण उनकी यह विविधतापूर्ण स्पिन, बल्लेबाजों की एकाग्रता को भंग करके उनके लिए एक दिक्कत बन जाती है।
उनकी स्पिन की यह मिस्ट्री क्रीज पर बल्लेबाज को संभलने का बहुत कम समय देती है। तो चलिए जानते है वरुण चक्रवर्ती की प्रेरणादायक जीवनीं में उनकी उम्र, जन्म, परिवार, शिक्षा, पत्नी, क्रिकेट करियर, आईपीएल सफर, रिकॉर्ड, उपलब्धियां और मिस्ट्री स्पिनर बनने की पूरी कहानी।
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वरुण चक्रवर्ती का जीवन परिचय | Varun Chakravarthy Biography In Hindi
वरुण चक्रवर्ती विनोद का जन्म 29 अगस्त 1991 को कर्नाटक के बीदर में हुआ। बाद में चेन्नई उनका प्रमुख शहर बना यही पर उनकी परवरिश और स्कूली शिक्षा शुरू हुई। अपने शुरुआती दिनों से ही उन्हें इस खेल में लगाव और दिलचस्पी रही थी।
एक विकेटकीपर-बल्लेबाज के रूप में स्कूल स्तर पर उन्होंने इस गेम की शुरुआत की। लेकिन इस प्रतिस्पर्धा भरी प्रतियोगिता में आगे बढ़ना सरल नही था। उम्र-वर्ग क्रिकेट में बार-बार निराशा मिलने के बाद उन्होंने इस खेल से दूरी बनाई और पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करने का फैसला किया।
12वीं के बाद, उन्होंने आर्किटेक्चर की डिग्री हासिल की और करीब दो साल नौकरी करने के बाद वह पुनः क्रिकेट में सक्रिय हुए। लौटने पर वरुण ने क्लब क्रिकेट से शुरुआत की उन्होंने RBI टीम के लिए खेला और बाद में कई क्लबों का प्रतिनिधित्व किया।
वरुण ने अपनी क्रिकेट यात्रा को केवल मैदानों तक सीमित नहीं रहने दिया उन्होंने आर्किटेक्ट की डिग्री ली और इमारतों के लिए नक्शे निर्मित किये, और फिर मैदान में लौट कर बल्लेबाजों के लिए क्रीज पर अपनी गेंदों से कई अनसुलझी पहेलियां का निर्माण किया। जिन्हें बुझना हर बल्लेबाज के लिए आसान नही था।
वरुण चक्रवर्ती का संछिप्त परिचय:
| पूरा नाम | वरुण चक्रवर्ती विनोद |
| जन्म | 29 अगस्त 1991 |
| उम्र | 35 वर्ष, 2026 |
| पिता | विनोद चक्रवर्ती |
| माता | मालिनी |
| पत्नी | नेहा खेडेकर |
| कद, लंबाई | लगभग 5 फीट 9 इंच |
| जर्सी नंबर | 29 |
| घरेलू टीम | तमिलनाडु |
| IPL टीम | KKR |
| अंतरराष्ट्रीय डेब्यू | 25 जुलाई 2021 |
| IPL 2026 में कीमत | ₹12 करोड़ |
वरुण चक्रवर्ती की उम्र, कद काठी और स्कूलिंग सफर:
वरुण चक्रवर्ती का जन्म 29 अगस्त 1991 को कर्नाटक के बीदर में हुआ था। 2026 में उनकी उम्र 35 साल है। चेन्नई में स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने चेन्नई के SRM इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी से आर्किटेक्चर में स्नातक की डिग्री हासिल की और क्रिकेट में करियर बनाने से पहले कुछ समय तक वरुण ने आर्किटेक्ट के रूप में भी काम किया। 5 फीट 9 इंच लंबे कद काठी के वरुण चक्रवर्ती ने अपनी विविधतापूर्ण रहस्यमय स्पिन गेंदबाजी के लिए जाने जाते है।
वरुण चक्रवर्ती शुरुआती क्रिकेट करियर | Varun Chakravarthy Cricket Career
उनके पारवारिक जानकारी अनुसार उन्हें शुरू से ही क्रिकेट के प्रति एक विशेष लगाव था। हालांकि, उस टाइम उनके लिए क्रिकेट किसी पेशेवर करियर की योजना नहीं, सिर्फ एक पसंदीदा खेल था।
स्कूल के दिनों में वह विकेटकीपर-बल्लेबाज के रूप में खेलते थे। यहां से क्रिकेट उनके जीवन मे नियमित रूप से शामिल हुआ, पर उन्हें तमिलनाडु की आयु-वर्ग टीमों में जगह नहीं मिली। इसके बाद उन्होंने क्रिकेट को पेशेवर करियर बनाने के बजाय अपनी पढ़ाई पर दिलचस्पी ली।
क्रिकेट से दूरी, और बने आर्किटेक्ट:
बारहवीं कक्षा के बाद वरुण ने क्रिकेट से दूरी बना ली और आर्किटेक्चर की पढ़ाई शुरू की। 5 वर्षीय आर्किटेक्चर डिग्री हासिल करने के बाद उन्होंने एक आर्किटेक्चर फर्म में लगभग दो साल तक नौकरी की।
इस दौरान उनका जीवन क्रिकेट के मैदान से काफी समय तक दूर रहा। पर लगाव तो लगाव था फुर्सत के वक्त वह क्रिकेट को अपने दोस्तों के साथ टेनिस बॉल से खेलते। और फिर धीरे-धीरे उन्हें महसूस किया कि क्यों ना एक बार फिर क्रिकेट को आजमाया जाय?
करीब 25 वर्ष की उम्र में पुनः वापसी:
वरुण की क्रिकेट जर्नी पारंपरिक रास्ते से जरा हट के रही। स्कूल के दिनों में उन्होंने एक विकेटकीपर-बल्लेबाज के रूप में शुरुआत की और फिर पढ़ाई के लिए क्रिकेट से दूरी बना ली इसके बाद इन्होंने चेन्नई से आर्किटेक्चर की डिग्री हासिल की और फिर करीब दो साल नौकरी की बाद में वरुण ने पुनः क्रिकेट को अपनाया और इसे गंभीरता से लिया।
एक पेसर ऑलराउंडर के रूप में उन्होंने पुनः अपने आप को इस क्षेत्र में व्यवस्थित करने की कोशिश की पर घुटने की चोट के कारण तेज गेंदबाजी छोड़कर स्पिन गेंदबाजी की तरफ शिफ्ट हुए और फिर यही बदलाव आगे चलकर उनकी सबसे बड़ी पहचान बना।
क्लब क्रिकेट में प्रदर्शन और तमिलनाडु में पहचान
स्पिन गेंदबाजी अपनाने के बाद उन्होंने अपनी खेल शैली पर काफी काम किया और क्लब क्रिकेट को अपनाया। अच्छी खासी मेहनत के बाद वरुण को क्लब क्रिकेट में अच्छे नतीजे मिलने लगे। ICC के खिलाड़ी प्रोफाइल के अनुसार, उन्होंने 2017–18 में जुबिली क्रिकेट क्लब के लिए वरुण ने 7 मैचों में 31 विकेट लिए। इसके बाद उन्होंने चेन्नई लीग के चौथे डिवीजन में खेलते हुए अपनी गेंदबाजी में विविधता विकसित की।
तमिलनाडु प्रीमियर लीग (TNPL) में वरुण चक्रवर्ती की सफलता
2018 में वरुण चक्रवर्ती को सिचेम मदुरै पैंथर्स की ओर से खेलने का मौका मिला। उन्होंने अपनी विविधतापूर्ण और किफायती स्पिन गेंदबाजी का शानदार परिचय दिया और बल्लेबाजों को दबाव में रखा। इस लीग में उन्होंने दस मैचों में नौ विकेट लिए और फाइनल में चार ओवर में सिर्फ नौ रन देकर दो विकेट भी हासिल किए। उनके प्रभावशाली प्रदर्शन और टीम के सामूहिक प्रयास से मदुरै पैंथर्स ने पहली बार TNPL का खिताब जीता।
TNPL ने वरुण के करियर को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस टूर्नामेंट ने वरुण को एक नई पहचान दिलाई और उनके घरेलू क्रिकेट तथा आईपीएल करियर का रास्ता मजबूत किया।
घरेलू क्रिकेट में तमिलनाडु के लिए पदार्पण:
TNPL में अच्छे प्रदर्शन के बाद वरुण को तमिलनाडु की घरेलू टीम में जगह मिली। उन्होंने 2018–19 विजय हजारे ट्रॉफी में लिस्ट-ए क्रिकेट में पदार्पण किया। उस टूर्नामेंट में उन्होंने 9 मैचों में 22 विकेट लिए और तमिलनाडु के प्रमुख विकेट टेकर गेंदबाज बने।
इसी घरेलू सीजन में उन्होंने रणजी ट्रॉफी में भी प्रथम श्रेणी क्रिकेट का पदार्पण किया। उनकी इस प्रभावशाली गेंदबाजी ने चयनकर्ताओं और फ्रेंचाइजी टीमों का ध्यान आकर्षित किया। यहां से उनका क्रिकेट करियर स्क्लब क्रिकेट से आगे बढ़कर राष्ट्रीय स्तर पर पहचाने जाने लगा।
उनकी विविधतापूर्ण स्पिन गेंदबाजी और सीमित ओवरों के क्रिकेट में विकेट लेने की क्षमता ने उन्हें आईपीएल नीलामी की ओर धीरे धीरे अग्रसर किया।
2019 में IPL डेब्यू, ₹8.4 करोड़ के साथ शुरू हुआ आईपीएल करियर
वरुण चक्रवर्ती का आईपीएल करियर काफी उतार-चढ़ाव, संघर्ष और फिर वापसी की एक दिलचस्प कहानी रहा। 2019 की नीलामी में किंग्स इलेवन ने वरुण को ₹8.4 करोड़ में खरीदा। यह रकम उनके ₹20 लाख के बेस प्राइस से बहुत ज्यादा अधिक थी। उनकी यह बोली उस समय काफी चर्चा में भी रही थी।
आईपीएल में उनका पदार्पण आसान नहीं रहा। अपने डेब्यू में ही उन्होंने कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ एक ओवर में 25 रन दे दिए। इस निराशाजनक शुरुआत के बावजूद उनकी प्रतिभा पर भरोसा जताया गया।
2020 में कोलकाता नाइट राइडर्स ने उन्हें ₹4 करोड़ में अपनी टीम में शामिल किया। इस बार वरुण ने 13 मैचों में 17 विकेट लेकर अपनी काबिलियत साबित की। और दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ 20 रन देकर 5 विकेट हासिल किए थे।
2021 के सीजन में भी उन्होंने 18 विकेट लिए और उपयोगिता का लोहा मनवाया इस सीजन उन्होंने KKR को फाइनल तक पहुँचाने में अहम योगदान दिया।
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निराशा, उलझन और फिर शानदार वापसी:
आईपीएल 2022 का सीजन उनके लिए काफी निराशाजनक और उलझनों से भरा रहा। इस सीजन उनके प्रदर्शन में काफी गिरावट नजर आयी वो पूरे सीजन 11 मैचों में केवल 6 विकेट ले पाए।
2023 में, मुश्किल दौर के बाद उन्होंने शानदार वापसी की और फिर मुड़कर नहीं देखा 2023 में उन्होंने 20 विकेट लेकर शानदार वापसी की। 2024 में 21 विकेट हासिल किए। उनके प्रदर्शन ने कोलकाता की खिताबी जीत में अहम भूमिका निभाई।
2025 में भी उन्होंने 13 मैचों में 17 विकेट लेकर अपनी निरंतरता बनाए रखी। और 2026 में उन्होंने 11 विकेट लिए थे। इस सीजन उन्हें KKR ने ₹12 करोड़ में रिटेन किया था।
वरुण चक्रवर्ती का अंतरराष्ट्रीय डेब्यू और करियर:
घरेलू और आईपीएल क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन के बाद उनका चयन ऑस्ट्रेलिया दौरे के लिए भारतीय टीम में हुआ, लेकिन चोट के कारण वे खेल नहीं सके। इसके बाद इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज के लिए भी उन्हें फिटनेस संबंधी दिक्कतों के चलते मौका नहीं मिला।
आखिरकार, 29 साल की उम्र में 25 जुलाई 2021 को श्रीलंका के खिलाफ कोलंबो में उन्होंने टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया। भारत ने यह मुकाबला 38 रन से जीता। अपने पहले ही अंतरराष्ट्रीय मैच में वरुण ने श्रीलंका के कप्तान दासुन शनाका को आउट करके अपना पहला अंतरराष्ट्रीय विकेट (T20I) विकेट हासिल किया था।।
उसी वर्ष 2021 उन्हें भारत की टी20 विश्व कप टीम में भी शामिल किया गया। उन्हें 3 मैचों में मौका मिला पर उन्हें कोई विकेट नहीं मिला। भारत टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में नहीं पहुँच सका और इसके बाद वरुण को राष्ट्रीय टीम से बाहर होना पड़ा।
उनके करियर में यह दौर उतार-चढ़ाव वाला था। आईपीएल में सफल प्रदर्शन ने उन्हें भारतीय टीम तक पहुँचाया था, पर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उस प्रदर्शन की पुनरावृति करना उनके लिए आसान नहीं रहा।
लंबा इंतजार और शानदार वापसी:
आईपीएल में लगातार अच्छे प्रदर्शन के बाद वरुण को 2024 में भारतीय टी20 टीम में दोबारा मौका मिला। उन्होंने बांग्लादेश के खिलाफ घरेलू टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज में वापसी की। इसके बाद उन्होंने दक्षिण अफ्रीका और इंग्लैंड के खिलाफ भी अपनी गेंदबाजी से प्रभाव छोड़ा।
इंग्लैंड के खिलाफ 2025 की टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज में वरुण ने 14 विकेट लिए और उन्हें प्लेयर ऑफ द सीरीज चुना गया। इस प्रदर्शन ने सीमित ओवरों के क्रिकेट में उनकी उपयोगिता को और मजबूत किया।
वनडे पदार्पण और चैंपियंस ट्रॉफी 2025:
वरुण ने 9 फरवरी 2025 को इंग्लैंड के खिलाफ 33 वर्ष की उम्र में वनडे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया। इसके बाद उन्हें भारत की चैंपियंस ट्रॉफी टीम में शामिल किया गया।
न्यूजीलैंड के खिलाफ टूर्नामेंट के मैच में उन्होंने 42 रन देकर पांच विकेट लिए। यह चैंपियंस ट्रॉफी में भारतीय गेंदबाज के रूप में उनका महत्वपूर्ण प्रदर्शन था।
वरुण ने चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में तीन मैचों में 9 विकेट लिए और भारत के खिताब जीतने वाले अभियान में योगदान दिया।
2025 में टी20 अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग में शीर्ष स्थान:
2025 में वरुण ने टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में लगातार अच्छा प्रदर्शन किया। एशिया कप के दौरान वे ICC की टी20 अंतरराष्ट्रीय गेंदबाज रैंकिंग में पहले स्थान तक पहुँचे।
उनकी सफलता का आधार केवल एक तरह की स्पिन नहीं है। वे लेग-ब्रेक, गुगली और अन्य विविधताओं के साथ गेंदबाजी करते हैं, और अपने एवं टीम के लिए विकेट लेते हैं।
टी20 विश्व कप 2026 में उच्च कोटि का प्रदर्शन:
2026 टी20 विश्व कप में वरुण ने 14 विकेट लिए और टूर्नामेंट के संयुक्त रूप से सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाजों में रहे। इस टूर्नामेंट में उनके और जसप्रीत बुमराह के नाम 14-14 विकेट दर्ज रहे। भारत ने यह टूर्नामेंट जीता, और वरुण ने अपनी स्पिन गेंदबाजी से टीम के अभियान में महत्वपूर्ण रोल अदा किया।
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वरुण चक्रवर्ती की गेंदबाजी शैली:
वरुण चक्रवर्ती को मिस्ट्री स्पिनर कहा जाता है, क्योंकि उनकी गेंदों की दिशा और टर्न का अनुमान लगाना बल्लेबाजों के लिए आसान नहीं होता। उनकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि वे अलग-अलग तरह की गेंदें लगभग एक जैसी ग्रिप के साथ रिलीज पॉइंट से डाल सकते हैं, जिससे बल्लेबाज को आखिरी क्षण तक यह समझने में दिक्कत होती है कि गेंद किस दिशा मे करवट लेगी।
वरुण चक्रवर्ती की गेंदबाजी की खासियत और प्रमुख विशेषताएँ
- गेंदों में विविधता: वरुण के तरकस में लेग-ब्रेक, गुगली, कैरम बॉल, टॉप-स्पिन और फ्लिपर तथा ऑफ ब्रेक जैसी कई गेंदे है जिनका इस्तेमाल में वो टीम की मांग के अनुसार करते है।
- अतिरिक्त उछाल: उन्होंने साइड-स्पिन के बजाय ओवर-स्पिन पर ज्यादा काम किया, जिससे गेंद पिच पर पड़ने के बाद अधिक उछाल ले लेती है।
- तेज गति: पारंपरिक स्पिनरों की तुलना में वे गेंद को अपेक्षाकृत तेज डालते हैं, जिससे बल्लेबाज को शॉट खेलने के लिए पर्याप्त समय नही मिल पाता है।
- गेंदों का चतुराई से प्रयोग: वे अपनी विविधताओं को सोच-समझकर इस्तेमाल करते हैं, ताकि बल्लेबाज उनकी अगली गेंद का अनुमान न लगा सके।
- लाइन और लेंथ पर नियंत्रण: सही जगह पर गेंद डालकर वे बल्लेबाज को बड़े शॉट खेलने से रोकने में सक्षम है।
- मध्य ओवरों में प्रभाव: टी20 क्रिकेट में रन गति को नियंत्रित करना और विकेट निकालना इनकी गेंदबाजी की मुख्य ताकत है।
- लगातार सुधार: 2022 के आईपीएल सीजन के बाद उन्होंने अपनी तकनीक पर दोबारा काम किया और नई लेग-स्पिन गेंद विकसित करने पर ध्यान दिया।
एक चोट, फिर कैसे बने मिस्ट्री स्पिनर:
वरुण ने जब आर्किटेक्चर का काम छोड़कर करीब 25 वर्ष की उम्र में दोबारा क्रिकेट में सक्रिय हुए। तब उन्होंने मध्यम गति के तेज गेंदबाज के रूप वापसी की, करीब 2017 में क्लब क्रिकेट खेलते समय वरुण के घुटने में चोट लगी। तेज गेंदबाजी से घुटने पर दबाव पड़ता था, और ज्यादा दिक्कत होती इसके बाद उन्होंने अपनी गेंदबाजी का तरीका बदलने का फैसला किया और फिर वे स्पिन गेंदबाजी की ओर शिफ्ट हुए।
- आगे चलकर इस स्पिन ने उन्हें एक नई पहचान दी और उन्हें एक मिस्ट्री स्पिनर बनाया। आज वरुण अपनी रहस्यमयी स्पिन, अलग-अलग तरह की गेंदों से बल्लेबाजों को भ्रमित करने के लिए जाने जाते हैं।
- वे लगभग एक जैसी गेंदबाजी एक्शन से लेग -ब्रेक, गुगली, कैरम बॉल और टॉप-स्पिन जैसी विविधताएँ डालने में सक्षम है जिस कारण बल्लेबाज को उनकी गेंदों में फर्क कर पाना आसान नही होता।
- वरुण अपनी रणनीति के अनुसार गेंद की लेंथ और गति में बदलाव करके बल्लेबाज की कमजोरी को पहचानकर उसे गलत शॉट खेलने के लिए मजबूर करने की कोशिश करते हैं। इन विविधता भरी गेंदों के कारण वरुण चक्रवर्ती को एक मिस्ट्री स्पिनर कहा जाता है।
वरुण चक्रवर्ती का निजी जीवन और क्रिकेट से अलग रुचियाँ:
वरुण अपने पेशेवर जीवन में काफी व्यस्त रहते हैं, लेकिन परिवार और उनके करीबी उनके निजी जीवन का अहम हिस्सा है। वो अपना दाम्पत्य अपने पारिवारिक जीवन को काफी हद तक निजी रखते हैं और इसके बारे में सार्वजनिक रूप से सीमित जानकारी साझा करते हैं।
वरुण की जिंदगी मैदान के बाहर भी कई दिलचस्प पहलुओं से भरी है:
- क्रिकेट को करियर बनाने से पहले उन्होंने आर्किटेक्चर, संगीत और फिल्म निर्माण जैसे क्षेत्रों में अपनी रुचि आजमाई थी।
- वरुण को फिल्मों में भी दिलचस्पी रही है। उन्होंने तमिल फिल्म जीवा के सेट पर सहायक निर्देशक के रूप में काम करने की कोशिश की और जूनियर कलाकार के तौर पर भी नजर आए।
- फिल्मों के अलावा उन्हें पटकथा लिखने और वीडियो एडिटिंग जैसे कामों में भी रुचि रही है। वे गिटार बजाने का भी शौक रखते है।
वरुण चक्रवर्ती की पत्नी और बच्चे:
भारतीय क्रिकेटर वरुण चक्रवर्ती के जीवन में उनकी पत्नी नेहा खेडेकर का खास स्थान है। जब वरुण SRM विश्वविद्यालय में आर्किटेक्चर की पढ़ाई कर रहे थे। तब कॉलेज में दोनों मुलाकात हुई थी। फिर दोस्ती जरा-जरा करके प्यार में बदली और कई वर्षों तक एक-दूसरे को जानने के बाद वरुण और नेहा ने 11 दिसंबर 2020 को चेन्नई में विवाह किया। नवंबर 2022 में बेटे का जन्म हुआ, जिसका नाम आत्मन (Aathman) है।
माता-पिता भाई-बहन से जुड़ी जानकारी:
वरुण के पिता विनोद चक्रवर्ती BSNL में अधिकारी रहे हैं, जबकि उनकी माता मालिनी गृहिणी हैं। उनकी छोटी बहन वंदिता जो इंटीरियर डिजाइन के क्षेत्र से जुड़ी है। इनके परिवार ने वरुण की शिक्षा और शुरुआती जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
वरुण चक्रवर्ती की नेटवर्थ
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, वरुण चक्रवर्ती की नेटवर्थ लगभग ₹30–40करोड़ आंकी जाती है। उनकी कमाई का बड़ा हिस्सा IPL कॉन्ट्रैक्ट, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की मैच फीस और ब्रांड एंडोर्समेंट से आता है। हालांकि, उनकी वास्तविक नेटवर्थ की आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
वरुण चक्रवर्ती की उपलब्धियां और रिकॉर्ड:
- 2017: घुटने की चोट के बाद स्पिन गेंदबाजी पर ध्यान केंद्रित किया और क्लब क्रिकेट में अपनी अलग पहचान बनानी शुरू किया।
- 2018: तमिलनाडु प्रीमियर लीग में मदुरै पैंथर्स की खिताबी जीत में अहम भूमिका निभाई।
- 2018–19: विजय हजारे ट्रॉफी में तमिलनाडु के लिए 9 मैचों में 22 विकेट लिए।
- 2019: ₹8.4 करोड़ में पंजाब किंग्स ने खरीदा, और पदार्पण के साथ अपनी आईपीएल जर्नी को शुरू किया।
- 2020: आईपीएल में 17 विकेट लिए और दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ 5/20 का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया।
- 2021: आईपीएल में 18 विकेट लिए और श्रीलंका के खिलाफ टी20 अंतरराष्ट्रीय पदार्पण किया।
- 2022: आईपीएल में 6 विकेट लिए, यह उनके लिए अपेक्षाकृत काफी मुश्किल सीजन रहा था।
- 2023: आईपीएल में 20 विकेट लेकर शानदार वापसी की।
- 2024: आईपीएल में 21 विकेट लिए और KKR को खिताब जिताने में मदद की। और इसी साल दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टी20 अंतरराष्ट्रीय में 5/17 (विकेट) भी लिए थे।
- 2025: इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में 14 विकेट लेकर प्लेयर ऑफ द सीरीज बने। तब चैंपियंस ट्रॉफी में वरुण ने 3 मैचों में 9 विकेट लिए।
- 2026: T20 विश्व कप में 14 विकेट लेकर संयुक्त रूप से सर्वाधिक विकेट लेने वाले गेंदबाज रहे। और भारत ने ये खिताब भी जीता।
वरुण चक्रवर्ती से जुड़े रोचक तथ्य और अनसुनी बाते:
- जन्म: वरुण चक्रवर्ती का जन्म 29 अगस्त 1991 को कर्नाटक के बीदर में हुआ था, जबकि उनका पालन-पोषण चेन्नई में हुआ।
- आईपीएल की पहली बड़ी बोली: 2019 की नीलामी में पंजाब किंग्स ने उन्हें ₹8.4 करोड़ में खरीदा था।
- चोट से बने स्पिनर: घुटने की चोट के बाद उन्होंने तेज गेंदबाजी छोड़कर स्पिन गेंदबाजी अपनाई थी।
- कड़ी मेहनत: अभ्यास के दौरान वह अपनी गेंदबाजी सुधारने के लिए रोज सैकड़ों गेंदें फेंकते थे।
- निचले डिवीजन से शुरुआत: चेन्नई की क्लब क्रिकेट में उन्होंने निचले डिवीजन में खेलकर अपनी प्रतिभा निखारी।
- आईपीएल में महंगा पहला ओवर: 2019 में डेब्यू के दौरान उन्होंने पहले ओवर में 25 रन दिए थे।
- फिटनेस टेस्ट का दबाव: पेशेवर क्रिकेट में देर से आने के कारण शुरुआती दिनों में फिटनेस टेस्ट को लेकर चिंतित रहते थे।
- गेंदबाजी में तकनीकी बदलाव: उन्होंने ओवर-स्पिन पर काम करके अपनी गेंदों में उछाल और प्रभाव बढ़ाया।
- 17 साल की उम्र में क्रिकेट से दूरी: स्कूल के दिनों में चयन नहीं होने के कारण वरुण चक्रवर्ती ने लगभग 17 साल की उम्र में क्रिकेट छोड़ दिया और अपनी पढ़ाई पर ध्यान देने लगे।
- आर्किटेक्ट की नौकरी: क्रिकेट में दुबारा वापसी से पहले उन्होंने आर्किटेक्चर की पढ़ाई कर नौकरी की।
- जर्सी नंबर: भारतीय टीम और आईपीएल में उनकी जर्सी का नंबर 29 है।
- फिल्म में काम: उन्होंने तमिल फिल्म जीवा (2014) में क्रिकेटर की छोटी भूमिका निभाई थी।
- गिटार का शौक: क्रिकेट में करियर बनाने से पहले उन्होंने गिटार सीखने की कोशिश की।
वरुण चक्रवर्ती के बारे में अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
वरुण चक्रवर्ती की उम्र कितनी है?
वरुण चक्रवर्ती का जन्म 29 अगस्त 1991 को हुआ था। 2026 में उनकी उम्र 35 वर्ष है।
वरुण चक्रवर्ती का जन्म कहाँ हुआ था?
उनका जन्म बीदर, कर्नाटक में हुआ था और उनका पालन-पोषण चेन्नई में हुआ।
वरुण चक्रवर्ती की पत्नी का नाम क्या है?
उनकी पत्नी का नाम नेहा खेडेकर है। दोनों ने दिसंबर 2020 में शादी की थी।
क्या वरुण चक्रवर्ती पहले तेज गेंदबाज थे?
हां, उन्होंने शुरुआत में मध्यम गति की गेंदबाजी की थी। घुटने की चोट के बाद उन्होंने स्पिन गेंदबाजी अपनाई और इसी शैली में अपनी पहचान बनाई।
वरुण चक्रवर्ती ने आईपीएल में डेब्यू कब किया?
उन्होंने 27 मार्च 2019 को किंग्स इलेवन पंजाब की ओर से आईपीएल में पदार्पण किया।
वरुण चक्रवर्ती को मिस्ट्री स्पिनर क्यों कहा जाता है?
वरुण अपनी गेंदों को लगभग एक जैसी ग्रिप और रिलीज पॉइंट से फेंकते हैं। उनकी लेग-ब्रेक, गुगली और अन्य विविधताओं को पहचानना बल्लेबाजों के लिए एक चुनौती होती हैं। इसलिए उन्हें मिस्ट्री स्पिनर कहा जाता है।
वरुण चक्रवर्ती की लंबाई कितनी है?
वरुण चक्रवर्ती की लंबाई लगभग 5 फीट 9 इंच (175 सेंटीमीटर) है।
वरुण चक्रवर्ती की जर्सी का नंबर क्या है?
भारतीय टीम में उनकी जर्सी का नंबर 29 है।
वरुण चक्रवर्ती ने टी20 अंतरराष्ट्रीय डेब्यू कब किया?
उन्होंने 25 जुलाई 2021 को श्रीलंका के खिलाफ टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया।
वरुण चक्रवर्ती ने वनडे डेब्यू कब किया?
उन्होंने 9 फरवरी 2025 को इंग्लैंड के खिलाफ अपना वनडे अंतरराष्ट्रीय डेब्यू किया।
वरुण चक्रवर्ती का आईपीएल में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन क्या है?
उनका सर्वश्रेष्ठ आईपीएल गेंदबाजी प्रदर्शन 5 विकेट पर 20 रन है, जो उन्होंने 2020 में दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ किया था।
वरुण चक्रवर्ती ने आईपीएल 2024 में कितने विकेट लिए थे?
उन्होंने आईपीएल 2024 में 21 विकेट लिए और कोलकाता नाइट राइडर्स की खिताबी जीत में अहम भूमिका निभाई।
वरुण चक्रवर्ती आईपीएल में किस टीम से खेलते हैं?
वह कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के लिए खेलते हैं।
वरुण चक्रवर्ती किस तरह के गेंदबाज हैं?
वह दाएं हाथ के लेग-स्पिन गेंदबाज हैं। उनकी विविधतापूर्ण गेंदबाजी के कारण उन्हें मिस्ट्री स्पिनर कहा जाता है।
वरुण चक्रवर्ती की प्रमुख उपलब्धियां क्या हैं?
उनकी प्रमुख उपलब्धियों में आईपीएल 2024 का खिताब, 2025 चैंपियंस ट्रॉफी में भारत की जीत में योगदान और 2026 टी20 विश्व कप में 14 विकेट लेना शामिल है।
निष्कर्ष: वरुण चक्रवर्ती की मेहनत और सफलता की कहानी
वरुण चक्रवर्ती की जीवनी का सार एकदम स्पस्ट और सरल है, मेहनत और लगन से मुश्किल रास्तों को भी सफलता में बदला जा सकता है। क्रिकेट में सफलता पाने से पहले उन्होंने कई भिन्न भिन्न रास्ते तलाशे पर अंत मे उसी खेल में अपनी पहचान बनाई, जिस खेल से उन्हें लगाव था। और अंत मे मिस्ट्री स्पिनर Varun Chakravarthy ki jivani आपको कैसी लगी जरूर बताये।


