महेंद्र सिंह धोनी के रिकॉर्ड: करियर, हेलिकॉप्टर शॉट, स्टंपिंग और विकेटकीपिंग शैली

महेंद्र सिंह धोनी के रिकॉर्ड
महेंद्र सिंह धोनी के रिकॉर्ड

महेंद्र सिंह धोनी के रिकॉर्ड (Mahendra Singh Dhoni Record) उनकी शानदार बल्लेबाजी, तेज तर्रार विकेटकीपिंग और सफल कप्तानी का एकदम साफ रूप से प्रदर्शित करते है। 2004 से शुरू हुए उनके इस क्रिकेट करियर में कई यादगार पारियां, महत्वपूर्ण कैच, तेज तर्रार स्टम्पिंग और कई शानदार प्रदर्शन शामिल रहे हैं। इन रिकॉर्ड्स के जरिए जानिए धोनी ने IPL में किस तरह अपनी अलग पहचान बनाई।

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महेंद्र सिंह धोनी का शुरुआती क्रिकेट करियर (MS Dhoni Cricket Career)

महेंद्र सिंह धोनी के क्रिकेट करियर की शुरुआत रांची के स्कूल और क्लब क्रिकेट से हुई। शुरुआत में वे फुटबॉल में गोलकीपर थे, लेकिन कोच केशव बनर्जी की सलाह पर विकेटकीपिंग और क्रिकेट को अपनाया। और जल्द ही उन्हें इस क्षेत्र में कामयाबी मिली। 

इसके बाद उन्होंने कमांडो क्रिकेट क्लब और CCL टीम के लिए खेलते हुए अपनी बल्लेबाजी और विकेटकीपिंग का हुनर निखारा। 1997-98 में उन्होंने बिहार की अंडर-16 टीम के लिए खेला और आगे चलकर बिहार अंडर-19 टीम का हिस्सा बने।

महेंद्र सिंह धोनी घरेलू क्रिकेट करियर | MS Dhoni Domestic Cricket Career

धोनी ने 1999-2000 में बिहार के लिए रणजी ट्रॉफी डेब्यू किया और अपने पहले ही मैच में 68 रन बनाए। 2000-01 सीजन में बंगाल के खिलाफ उन्होंने अपना पहला प्रथम श्रेणी शतक लगाया। बाद में झारखंड के लिए खेलते हुए उनकी तेज बल्लेबाजी ने पहचान बनाई। 2003-04 में ईस्ट जोन के लिए देवधर ट्रॉफी में उनके प्रदर्शन और भारत ए के जिम्बाब्वे-केन्या दौरे पर उनके आक्रामक बल्लेबाजी प्रदर्शन ने चयनकर्ताओं का ध्यान खींचा।

महेंद्र सिंह धोनी का अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट करियर कब शुरू हुआ | MS Dhoni International Cricket

घरेलू क्रिकेट में अपनी पहचान बनाने के बाद 2004 का इंडिया-ए का दौरा धोनी के खेल करियर के लिए काफी खास सिद्ध हुआ। पाकिस्तान-ए के खिलाफ 120 और नाबाद 119 रन जैसी पारियों ने उनकी प्रतिभा को एक नई पहचान दी। इसके कुछ ही महीनों बाद 23 दिसंबर 2004 को बांग्लादेश के खिलाफ वनडे डेब्यू के साथ धोनी ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखा। 

वनडे क्रिकेट में डेब्यू और पहला शतक

महेंद्र सिंह धोनी ने 23 दिसंबर 2004 को बांग्लादेश के खिलाफ चटगांव के एम.ए. अजीज स्टेडियम में ODI डेब्यू किया। अपने पहले मुकाबले में वह बिना खाता खोले रन आउट हो गए। 

धोनी ने पहला वनडे शतक 5 अप्रैल 2005 को पाकिस्तान के खिलाफ विशाखापट्टनम में लगाया, जिसमें उन्होंने 123 गेंदों पर 148 रन बनाए। इसके बाद 31 अक्टूबर 2005 को श्रीलंका के खिलाफ जयपुर में 145 गेंदों पर नाबाद 183 रन की ऐतिहासिक पारी खेली।

टेस्ट क्रिकेट में डेब्यू और दोहरा शतक

धोनी ने 2 दिसंबर 2005 को श्रीलंका के खिलाफ चेन्नई के एम.ए. चिदंबरम स्टेडियम में टेस्ट डेब्यू किया। उन्होंने पहली पारी में 54 गेंदों पर 30 रन बनाए। 

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महेंद्र सिंह धोनी ने पहला टेस्ट शतक 21 जनवरी 2006 को पाकिस्तान के खिलाफ फैसलाबाद में लगाया था। उन्होंने 148 रन की यह पारी 153 गेंदों पर खेली थी। 

टेस्ट क्रिकेट में धोनी का सबसे यादगार प्रदर्शन 24 फरवरी 2013 को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ चेन्नई में आया। उन्होंने 265 गेंदों पर 224 रन बनाकर अपना पहला और एकमात्र टेस्ट दोहरा शतक लगाया। यह उस समय किसी भारतीय कप्तान का टेस्ट क्रिकेट में सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर था।

टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू

धोनी ने 1 दिसंबर 2006 को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ जोहान्सबर्ग के वांडरर्स स्टेडियम में टी20 अंतरराष्ट्रीय डेब्यू किया। इस मुकाबले में वह बिना कोई रन बनाए नाबाद रहे। धोनी ने टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कोई शतक नहीं लगाया।

महेंद्र सिंह धोनी का आईपीएल करियर कितने साल में शुरू हुआ | MS Dhoni IPL Career 

महेंद्र सिंह धोनी का आईपीएल करियर 2008 में 26 साल की उम्र में शुरू हुआ। जल्द ही उन्होंने अपनी कप्तानी, विकेटकीपिंग और मैच फिनिश करने की क्षमता से आईपीएल के मंच पर अपनी अलग पहचान बना ली। चेन्नई सुपर किंग्स के साथ उनका सफर सबसे ज्यादा यादगार रहा, जहां उन्होंने टीम को पांच IPL खिताब जिताए। 2024 में उन्होंने कप्तानी रुतुराज गायकवाड़ को सौंपी, लेकिन बतौर खिलाड़ी उनका IPL सफर जारी रहा।

महेंद्र सिंह धोनी ने आईपीएल में पहला मैच किस टीम के विरुद्ध खेला: 

महेंद्र सिंह धोनी ने 19 अप्रैल 2008 को किंग्स XI पंजाब (अब पंजाब किंग्स) के खिलाफ मोहाली में अपना पहला IPL मैच खेला। इस आईपीएल डेब्यू मैच में उन्होंने  3 गेंदों पर 2 रन बनाये। उन्हें इस मैच में पंजाब के जेम्स होप्स (James Hopes) ने LBW आउट किया। और  चेन्नई सुपर किंग्स ने यह मुकाबला 33 रन से जीता। 

महेंद्र सिंह धोनी का सर्वश्रेष्ठ IPL सीजन कौन सा है: 

IPL 2013 का सीजन महेंद्र सिंह धोनी के लिए काफी खास सीजन रहा। उन्होंने इस सीजन चेन्नई सुपर किंग्स के लिए 18 मैचों में चार अर्धशतकों की मदद से कुल 461 रन बनाए। और 25 शानदार गगनचुंबी छक्के लगाए। उस सीजन धोनी का सर्वोच्च स्कोर 67 रन नाबाद रहा और स्ट्राइक रेट 162.90 का था। विकेट के पीछे भी धोनी ने 15 कैच और 2 स्टंपिंग कीं।

महेंद्र सिंह धोनी की सबसे चर्चित IPL पारी: 34 गेंदों में 70 रन का तूफान

IPL 2018 में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाफ धोनी की नाबाद 70 रन की पारी उनकी यादगार और चर्चित पारियों में शामिल है। उन्होंने यह पारी  34 गेंदों में 1 चौके और 7 छक्कों की मदद से खेली थी। इस शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया और CSK ने 5 विकेट से इस मुकाबले को जीता। MS धोनी की यह पारी आज भी उनके प्रशंसकों के बीच यादगार बनी हुई है।

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महेंद्र सिंह धोनी के रिकॉर्ड | Mahendra Singh Dhoni Records 

महेंद्र सिंह धोनी के रिकॉर्ड सिर्फ आंकड़ों तक सीमित नहीं हैं। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उन्होंने विकेटकीपिंग, बल्लेबाजी और कप्तानी तीनों क्षेत्रों में ऐसे कीर्तिमान बनाए, जिन्होंने उनके करियर को खास पहचान दी। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 195 स्टंपिंग और कप्तान के रूप में 332 मैच उनके सबसे प्रमुख रिकॉर्ड्स में शामिल हैं।

वनडे क्रिकेट में सबसे ज्यादा स्टंपिंग का विश्व रिकॉर्ड किसके नाम है: 

महेंद्र सिंह धोनी के नाम वनडे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 123 स्टंपिंग करने का रिकॉर्ड है। उन्होंने 24 अगस्त 2017 को श्रीलंका के खिलाफ पल्लेकेले वनडे में अपनी 99वीं स्टंपिंग पूरी करके कुमार संगकारा के रिकॉर्ड की बराबरी की थी। 

इसके बाद 3 सितंबर 2017 को कोलंबो में श्रीलंका के खिलाफ अपनी 100वीं स्टंपिंग करके संगकारा का रिकॉर्ड पीछे छोड़ा। धोनी के वनडे करियर में कुल 123 स्टंपिंग दर्ज हैं। 

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इस रिकॉर्ड लिस्ट में श्रीलंका के कुमार संगकारा 99 स्टंपिंग के साथ दूसरे स्थान पर और रोमेश कालूवितरणा 75 स्टंपिंग के साथ तीसरे स्थान पर है। चौथे स्थान पर पाकिस्तान के मोईन खान 73 स्टंपिंग के साथ आते हैं। 

वनडे क्रिकेट में विकेटकीपर का सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर किसका है: 

31 अक्टूबर 2005 को जयपुर के सवाई मानसिंह स्टेडियम में भारत और श्रीलंका के बीच खेले गए वनडे मैच में महेंद्र सिंह धोनी ने 145 गेंदों पर नाबाद 183 रन बनाए। श्रीलंका ने भारत को 299 रन का लक्ष्य दिया था, जिसे भारत ने धोनी की आक्रामक पारी की मदद से हासिल किया। 

धोनी ने इस पारी में 15 चौके और 10 छक्के लगाए। धोनी की यह पारी पुरुष वनडे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में विकेटकीपर द्वारा बनाया गया सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर है। उन्होंने एडम गिलक्रिस्ट के 172 रन के पिछले रिकॉर्ड को पीछे छोड़ा था। 

इस रिकॉर्ड सूची में क्विंटन डी कॉक 178 रन के साथ दूसरे और लिटन दास 176 रन के साथ तीसरे स्थान पर हैं। 

भारत के लिए सबसे ज्यादा वनडे मैचों में कप्तानी का रिकॉर्ड: 

धोनी ने भारत की 200 वनडे मैचों में कप्तानी की। हालांकि यह विश्व रिकॉर्ड नहीं है। वनडे कप्तानी में रिकी पोंटिंग 230 मैचों के साथ पहले, न्यूजीलैंड के स्टीफन फ्लेमिंग 218 मैचों के साथ दूसरे और धोनी 200 मैचों के साथ तीसरे स्थान पर हैं।  

तीनों प्रमुख ICC व्हाइट-बॉल खिताब जीतने वाले एकमात्र कप्तान: 

महेंद्र सिंह धोनी के रिकॉर्ड में इस रिकॉर्ड की भारतीय क्रिकेट में महत्वपूर्ण भूमिका रही है। धोनी ने अपनी कप्तानी में भारत को तीन प्रमुख ICC व्हाइट-बॉल खिताब जिताए। वर्ष 2007 में उन्होंने भारत को पहला T20 विश्व कप जिताया फिर 2011 में वनडे विश्व कप और 2013 में चैंपियंस ट्रॉफी का खिताब दिलाया। 

2013 में चैंपियंस ट्रॉफी जीतने के साथ धोनी पुरुष क्रिकेट के पहले और अब तक इकलौते कप्तान बने, जिन्होंने T20 विश्व कप, वनडे विश्व कप और चैंपियंस ट्रॉफी तीनों जीती हैं। 2013 में चैंपियंस ट्रॉफी जीतने के साथ ही धोनी ने यह ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की।

वनडे में 10,000 रन और 50 से अधिक औसत का अनोखा रिकॉर्ड: 

महेंद्र सिंह धोनी ने 2018 में इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज के दौरान 10,000 रन पूरे किए। इसी के साथ वह वनडे क्रिकेट में 10,000 रन पूरे करने वाले ऐसे बल्लेबाज बने, जिन्होंने 50 से अधिक का बल्लेबाजी औसत भी कायम रखा। धोनी ने अपने ODI करियर में 350 मैचों में लगभग 50.57 का औसत को कायम रखते हुए कुल 10,773 रन बनाये। 

सबसे कम वनडे मैचों में नंबर-1 ODI बल्लेबाज बनने का रिकॉर्ड: 

धोनी अपने 40वें वनडे में ICC ODI बल्लेबाजी रैंकिंग के नंबर-1 स्थान पर पहुंचे थे। ICC के अनुसार वह आज भी सबसे कम वनडे मैचों में नंबर-1 बनने वाले बल्लेबाज हैं। 

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 332 मैचों में कप्तानी का रिकॉर्ड: 

महेंद्र सिंह धोनी ने भारत की कप्तानी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के सभी तीनों प्रारूपों में की है। उन्होंने कुल 332 मैचों में भारतीय टीम का नेतृत्व किया। इसमें 60 टेस्ट, 200 वनडे और 72 T20I मैच शामिल हैं। उनकी कप्तानी में भारत ने 2007 T20 विश्व कप, 2011 वनडे विश्व कप और 2013 चैंपियंस ट्रॉफी जीती। उनकी यह उपलब्धि उनके लंबे कप्तानी करियर को दर्शाती है। इस रिकॉर्ड के मामले में रिकी पोंटिंग 324 मैचों के साथ दूसरे और स्टीफन फ्लेमिंग 303 के साथ तीसरे स्थान पर हैं।

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा स्टंपिंग का रिकॉर्ड: 

धोनी के नाम टेस्ट, वनडे और T20I को मिलाकर 195 अंतरराष्ट्रीय स्टंपिंग हैं, जो किसी भी विकेटकीपर द्वारा सबसे ज्यादा हैं। उन्होंने 29 जनवरी 2016 को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मेलबर्न T20I में अपनी 139वीं और 140वीं स्टंपिंग करके कुमार संगकारा के तत्कालीन रिकॉर्ड को पीछे छोड़ा था। इसके बाद अपने अंतरराष्ट्रीय करियर के अंत तक धोनी 195 स्टंपिंग पर पहुंचे थे। इस रिकॉर्ड में दूसरे स्थान पर कुमार संगकारा 139 और रोमेश कालूवितरणा 101 स्टंपिंग के साथ है तीसरे स्थान पर बने हुए है। 

T20 विश्व कप में सबसे ज्यादा विकेटकीपिंग डिसमिसल का रिकॉर्ड: 

T20 विश्व कप में महेंद्र सिंह धोनी ने विकेटकीपर के रूप में 32 डिसमिसल किए है जिसमें 21 कैच और 11 स्टंपिंग शामिल है। उनके बाद कामरान अकमल 30 और दिनेश रामदीन 27 डिसमिसल के साथ दूसरे और तीसरे स्थान पर आते हैं। 

T20 विश्व कप में विकेटकीपर के तौर पर सबसे ज्यादा कैच का रिकॉर्ड: 

महेंद्र सिंह धोनी के रिकॉर्ड में इस रिकॉर्ड की अपनी खास भूमिका रही है। T20 विश्व कप में धोनी ने 21 कैच लिए है जो विकेटकीपरों में सबसे ज्यादा हैं। इसी सूची में कामरान अकमल 12 कैच और कुमार संगकारा 12 कैच के साथ संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर हैं। 

वनडे में नंबर-6 पर 4,000 से ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड: 

धोनी ने वनडे क्रिकेट में नंबर-6 बल्लेबाजी करते हुए 4,000 से ज्यादा रन बनाए और ICC के अनुसार वह इस बल्लेबाजी क्रम पर 4,000 रन पार करने वाले एकमात्र बल्लेबाज हैं।  यह रिकॉर्ड खास इसलिए है क्योंकि धोनी ने अक्सर मध्य और निचले क्रम में उतरकर मैच फिनिश करने की भूमिका निभाई। 

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में विकेटकीपर के रूप में 829 डिसमिसल: 

धोनी ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में विकेटकीपर के रूप में कुल 829 डिसमिसल किए, जिनमें 634 कैच और 195 स्टंपिंग शामिल हैं। अंतरराष्ट्रीय विकेटकीपरों के कुल डिसमिसल की सूची में धोनी तीसरे स्थान पर रहे। उनसे आगे मार्क बाउचर 998 और एडम गिलक्रिस्ट 905 डिसमिसल के साथ हैं। 

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ऑस्ट्रेलिया को 4-0 से टेस्ट सीरीज हराने वाले पहले भारतीय कप्तान: 

महेंद्र सिंह धोनी के रिकॉर्ड में इस रिकॉर्ड की भी भूमिका खास है 2013 में धोनी की कप्तानी में भारत ने ऑस्ट्रेलिया को घरेलू टेस्ट सीरीज में 4-0 से हराया। इस दौरान धोनी ने चारों टॉस गंवाने के बावजूद सीरीज में क्लीन स्वीप कराया। Guinness World Records इसे चार मैचों की सीरीज में हर टॉस गंवाने के बाद जीत हासिल करने वाले पहले टेस्ट कप्तान के रूप में दर्ज करता है। 

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 17,000 से ज्यादा रन: 

टेस्ट, वनडे और टी20 इंटरनेशनल को मिलाकर धोनी ने भारत के लिए 17,266 रन बनाए। इसमें 90 टेस्ट में 4,876, 350 वनडे में 10,773 और 98 टी20 इंटरनेशनल में 1,617 रन शामिल हैं।

वनडे में 10 शतक और 10,773 रन

धोनी ने 350 वनडे में 10 शतक और 10,773 रन बनाए। उनका वनडे बल्लेबाजी औसत 50.57 रहा, जो उनके लंबे वनडे करियर की निरंतरता को दिखाता है।

भारत को पहली बार टेस्ट रैंकिंग में नंबर-1 तक पहुंचाने वाले कप्तान: 

धोनी की कप्तानी में भारत ने दिसंबर 2009 में पहली बार ICC टेस्ट टीम रैंकिंग में नंबर-1 स्थान हासिल किया। यह भारतीय टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि थी। 

महेंद्र सिंह धोनी का नाबाद रहने का रिकॉर्ड: अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 142 बार नाबाद

महेंद्र सिंह धोनी के रिकॉर्ड में उनका नाबाद रहने का आंकड़ा भी खास स्थान रखता है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कुल 142 पारियों में नाबाद रहते हुए मैच को फिनिश करने की अपनी क्षमता दिखाई। वनडे क्रिकेट में धोनी 84 बार नाबाद रहे, जो इस फॉर्मेट में विश्व रिकॉर्ड है। इनमें कई पारियां लक्ष्य का पीछा करते हुए आई है। ODI क्रिकेट के अलावा उनकी T20I में 42 और टेस्ट क्रिकेट में 16 नाबाद पारियां शामिल हैं।

महेंद्र सिंह धोनी की सबसे तेज स्टंपिंग: जब पलक झपकते ही बल्लेबाज का खेल खत्म हुआ 

केमो पॉल की 0.08 सेकंड वाली स्टंपिंग (2018)

महेंद्र सिंह धोनी की सबसे तेज और चर्चित स्टंपिंग में वेस्टइंडीज के बल्लेबाज केमो पॉल को 2018 के वनडे मैच में आउट करना शामिल है। इस स्टंपिंग को क्रिकेट मीडिया में लगभग 0.08 सेकंड की गति से पूरा किया गया बताया गया है। जडेजा ने गेंद को थोड़ा धीमा और ऑफ स्टंप के आसपास डाला, जो टर्न होकर पॉल के बल्ले को छकाती हुई धोनी के दस्तानों में पहुंची। पॉल का पैर क्रीज से बाहर था और धोनी ने बिजली जैसी तेजी से बेल्स गिरा दीं। 

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मिचेल मार्श की स्टंपिंग — 0.09 सेकंड 

फरवरी 2012 को सिडनी में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच T20I मुकाबले में धोनी ने मिचेल मार्श को राहुल शर्मा की गेंद पर स्टंप किया। मिचेल मार्श, राहुल शर्मा की फ्लाइटेड गेंद को खेलने के प्रयास में क्रीज से आगे निकले और गेंद से चूक गए और धोनी ने क्षणभर में तुरंत बेल्स गिरा दीं। 

शुभमन गिल की स्टंपिंग — लगभग 0.10 सेकंड 

आईपीएल 2023 के फाइनल में चेन्नई सुपर किंग्स और गुजरात टाइटंस के बीच मुकाबले में धोनी ने रविंद्र जडेजा की गेंद पर शुभमन गिल को स्टंप किया। जडेजा की इस बेहतरीन गेंद को गिल आगे बढ़कर खेलना चाहते थे, पर गेंद उनके बल्ले को छकाती हुई धोनी के पास पहुची और धोनी ने तुरंत गेंद कलेक्ट करके बेल्स गिरा दीं। धोनी की इस स्टंपिंग को कुछ मीडिया रिपोर्टों में लगभग 0.10 सेकंड का बताया गया है। 

सब्बीर रहमान की स्टंपिंग (2016 T20 विश्व कप)

12 फरवरी 2016 को बेंगलुरु में भारत और बांग्लादेश के बीच T20 विश्व कप मुकाबले में धोनी ने सब्बीर रहमान को सुरेश रैना की गेंद पर स्टंप किया। यह स्टंपिंग बांग्लादेश की पारी के 9.2 ओवर में हुई।  रैना की गेंद लेग साइड की ओर गई और सब्बीर ने उसे फ्लिक करने की कोशिश की, लेकिन शॉट चूकने के दौरान उनका संतुलन बिगड़ा और पिछला पैर क्रीज से बाहर चला गया। धोनी ने गेंद को तेजी से अपने दाईं ओर जाकर पकड़ा और बेल्स गिरा दीं। यह स्टंपिंग उस मैच के महत्वपूर्ण क्षणों में हुई और धोनी की तेज विकेटकीपिंग का उदाहरण बनी।

महेंद्र सिंह धोनी के रिकॉर्ड और आंकड़ों की पूरी जानकारी यहाँ देखें।

महेंद्र सिंह धोनी की बल्लेबाजी शैली (Batting Style)

महेंद्र सिंह धोनी दाएं हाथ के आक्रामक बल्लेबाज रहे हैं। उनकी बल्लेबाजी में ताकतवर शॉट, तेज रन बनाने की क्षमता और दबाव में शांत रहकर मैच को फिनिश करने की कला प्रमुख थी। वह खास तौर पर डेथ ओवरों में लंबे छक्के लगाने और हेलीकॉप्टर शॉट के लिए प्रसिद्ध रहे। धोनी की बल्लेबाजी शैली में निचले हाथ की ताकत, तेज बैट स्विंग और गेंद की दिशा के अनुसार शॉट चुनने की क्षमता देखने को मिलती थी।

महेंद्र सिंह धोनी की विकेटकीपिंग शैली | Mahendra Singh Dhoni Wicketkeeping Style

धोनी दाएं हाथ के विकेटकीपर रहे हैं और अपनी तेज प्रतिक्रिया, शानदार स्टंपिंग और गेंद को पकड़ने की क्षमता के लिए जाने जाते हैं। उनकी विकेटकीपिंग की खासियतों में बिजली जैसी तेज स्टंपिंग, गेंद को जल्दी कलेक्ट करना और बिना ज्यादा समय गंवाए गिल्लियां बिखेरना शामिल था। वह स्पिन गेंदबाजों के पीछे विकेटकीपिंग करते समय विशेष रूप से तेज स्टंपिंग के लिए प्रसिद्ध रहे। 

महेंद्र सिंह धोनी की विकेटकीपिंग की खाशियत और विशेषता: 

विकेटों के पीछे धोनी की मौजूदगी बल्लेबाज के लिए हमेशा एक अतिरिक्त चुनौती बनी रहती थी। उनकी सबसे बड़ी खूबि में तेज हाथ, शानदार रिफ्लेक्स और सटीक स्टंपिंग शामिल थी। स्पिन गेंदबाजों के खिलाफ धोनी गेंद को बेहद तेजी से कलेक्ट करते और मौका मिलते ही गिल्लियां बिखेर देते थे। 

कई बार विकेटों के पीछे उनकी स्टंपिंग इतनी तेजी से होती थी कि बल्लेबाज को क्रीज से बाहर निकलने के बाद संभलने का समय ही नहीं मिलता था। विकेट के पीछे से गेंदबाजों को लगातार निर्देश देना और खेल की परिस्थितियों को पढ़ना भी उनकी विकेटकीपिंग का अहम हिस्सा था। उनकी ये  खूबियां धोनी को विकेट के पीछे से पूरे खेल को नियंत्रित करने वाला महत्वपूर्ण खिलाड़ी बनाती थीं। 

महेंद्र सिंह धोनी के पसंदीदा शॉट कौन सा हैं? (MS Dhoni Favourite Cricket Shot)

महेंद्र सिंह धोनी का सबसे पसंदीदा शॉट पैडल स्वीप है। हालांकि, क्रिकेट में उनको ज्यादा पहचान उनके सबसे मशहूर सिग्नेचर शॉट, हेलीकॉप्टर शॉट से मिली है। जिससे वह यॉर्कर गेंदों पर भी शानदार छक्के लगाने के लिए जाने जाते है। धोनी ने यह शॉट बचपन में टेनिस-बॉल से सीखा था, जिसमें उनके दोस्त संतोष लाल का काफी महत्वपूर्ण योगदान रहा था। 

महेंद्र सिंह धोनी की बल्लेबाजी की पहचान सिर्फ लंबे छक्कों से नहीं, बल्कि गेंद की लंबाई को समझकर सही समय पर आक्रामक शॉट खेलने की क्षमता से बनी है। वह अपने दौर में मैदान पर हर तरह का शॉट खेलने में सक्षम थे। 

पैडल स्वीप और हेलीकॉप्टर शॉट के अलावा वह पुल शॉट, हुक शॉट और स्ट्रेट हिट जैसे शॉट भी प्रभावी ढंग से खेलने में काफी सक्षम थे। 

महेंद्र सिंह धोनी का जर्सी नंबर कितना है:  

महेंद्र सिंह धोनी की जर्सी का नंबर 7 है। उन्होंने यह नंबर अपनी जन्मतिथि 7 जुलाई से प्रेरित होकर चुना था। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में यह नंबर उनके नाम और उनकी बल्लेबाजी के साथ साथ इतना प्रसिद्ध हुआ कि यह आंकड़ा भी उनकी एक खास पहचान बन गया। भारतीय टीम में धोनी लंबे समय तक इसी नंबर की जर्सी में नजर आए। 

महेंद्र सिंह धोनी ने अपनी कप्तानी में कितने मैच जीते: 

महेंद्र सिंह धोनी ने भारत के लिए क्रिकेट के तीनों प्रारूपों में 332 मैचों में कप्तानी की है।  इन 332 मैचों मे से 178 मैचों में उन्होंने जीत दर्ज की जबकि 120 में हार उन्हें मिली का सामना करना पड़ा है, 6 मैच टाई रहे और 15 मैचों को वह ड्रॉ कराने में वो सफल रहे है।

एमएस धोनी के कुल शतक | MS Dhoni Total century 

एमएस धोनी के कुल अंतरराष्ट्रीय शतक 16 हैं। इनमें उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में 6 शतक और वनडे क्रिकेट में 10 शतक लगाए हैं। लेकिन टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में उनके नाम कोई शतक नहीं है।

वनडे में धोनी के कितने शतक है | ODI Century

धोनी ने 350 वनडे मैचों में 10 शतक लगाए। वनडे में उनका सर्वोच्च स्कोर 183 रन* है, जो उन्होंने श्रीलंका के खिलाफ बनाया था। पाकिस्तान के खिलाफ 2005 में 148 रन की पारी उनका पहला वनडे शतक था।

टेस्ट में धोनी के कितने शतक है | Test Century

टेस्ट क्रिकेट में धोनी के नाम 6 शतक हैं। उनका सर्वोच्च टेस्ट स्कोर 224 रन रहा है। उन्होंने 90 टेस्ट मैचों में कुल 4,876 रन बनाए है। 

टी20 इंटरनेशनल में धोनी के कितने शतक है| T20I Century

धोनी ने भारत के लिए 98 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले, लेकिन इस प्रारूप में वह कोई शतक नहीं बना सके। उनका सर्वोच्च टी20I स्कोर 56 रन रहा।

महेंद्र सिंह धोनी के पुरस्कार और सम्मान | MS Dhoni Awards 

महेंद्र सिंह धोनी को मिले प्रमुख पुरस्कार और सम्मान इस प्रकार हैं:

  • राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार: 2008 में महेंद्र सिंह धोनी को भारतीय क्रिकेट में उनके शानदार प्रदर्शन और नेतृत्व के लिए देश के सर्वोच्च खेल सम्मान से नवाजा गया।
  • ICC ODI प्लेयर ऑफ द ईयर : 2008 में उन्हें  वनडे क्रिकेट में उनके लगातार बेहतरीन प्रदर्शन के लिए यह सम्मान मिला। धोनी यह पुरस्कार जीतने वाले पहले भारतीय क्रिकेटर बने।
  • ICC ODI प्लेयर ऑफ द ईयर: लगातार दूसरे साल  वनडे क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन के लिए उन्होंने फिर से 2009 में पयह पुरस्कार अपने नाम किया।
  • पद्म श्री पुरस्कार: खेल के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए भारत सरकार ने महेंद्र सिंह धोनी को 2009 में पद्म श्री से सम्मानित किया।
  • कैस्ट्रोल इंडियन क्रिकेटर ऑफ द ईयर: भारतीय क्रिकेट में उनके प्रभावशाली प्रदर्शन और नेतृत्व के लिए यह सम्मान उन्हें 2011 में दिया गया।
  • ICC पीपुल्स चॉइस अवॉर्ड: 2013 में प्रशंसकों की पसंद के आधार पर धोनी को यह सम्मान मिला।
  • पद्म भूषण पुरस्कार: 2018 में महेंद्र सिंह धोनी को क्रिकेट में उनके लंबे और उल्लेखनीय योगदान के लिए भारत के तीसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म भूषण से सम्मानित किया गया।
  • ICC स्पिरिट ऑफ क्रिकेट अवॉर्ड ऑफ द डिकेड 2020: 2011 के विश्व कप में एंड्रयू स्ट्रॉस को रन आउट करने के मामले में अपील वापस लेने जैसी खेल भावना के लिए उन्हें दशक के इस सम्मान से नवाजा गया।
  • ICC क्रिकेट हॉल ऑफ फेम: 2025 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उनके असाधारण योगदान के सम्मान में धोनी को ICC क्रिकेट हॉल ऑफ फेम में शामिल किया गया। 

निष्कर्ष: 

महेंद्र सिंह धोनी के रिकॉर्ड (Mahendra Singh Dhoni Record) उनकी बल्लेबाजी, विकेटकीपिंग और कप्तानी तीनों में लंबे समय तक बनाए गए निरंतर प्रदर्शन को दिखाते हैं। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से लेकर IPL तक उनके नाम कई ऐसे आंकड़े और रिकॉर्ड दर्ज हैं, जो उनके क्रिकेट करियर को खास बनाते हैं। उनके द्वारा खेली गई कई पारियां, और स्टम्पिंग को आज भी उनके समर्थक उनके दौर को याद करते है। 

महेंद्र सिंह धोनी के रिकॉर्ड से जुड़े FAQs

Q. महेंद्र सिंह धोनी का सबसे बड़ा अंतरराष्ट्रीय रिकॉर्ड कौन-सा है?

Ans. धोनी दुनिया के एकमात्र कप्तान हैं, जिन्होंने 2007 T20 विश्व कप, 2011 वनडे विश्व कप और 2013 चैंपियंस ट्रॉफी, तीनों ICC व्हाइट-बॉल खिताब जीते हैं।

Q. वनडे क्रिकेट में महेंद्र सिंह धोनी का सबसे बड़ा रिकॉर्ड क्या है?

Ans. धोनी के नाम वनडे क्रिकेट में 183* रन की पारी दर्ज है, जो पुरुष वनडे क्रिकेट में किसी विकेटकीपर द्वारा बनाया गया सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर है।

Q. महेंद्र सिंह धोनी ने वनडे में कितनी बार स्टंपिंग की है?

Ans. धोनी ने अंतरराष्ट्रीय वनडे क्रिकेट में 123 स्टंपिंग की हैं, जो इस फॉर्मेट में सबसे अधिक हैं।

Q. महेंद्र सिंह धोनी ने भारत की कप्तानी कितने अंतरराष्ट्रीय मैचों में की?

Ans. धोनी ने भारत की कप्तानी तीनों फॉर्मेट में कुल 332 अंतरराष्ट्रीय मैचों में की है। 

Q. महेंद्र सिंह धोनी को आईपीएल में कौन सा पुरस्कार मिला है? 

Ans. धोनी को IPL 2023 के फाइनल में “हर्बालाइफ एक्टिव कैच ऑफ द मैच” (Herbalife Active Catch of the Match) का सम्मान मिला था। उन्होंने गुजरात टाइटंस के कप्तान ऋद्धिमान साहा का कैच पकड़ा था। 

Q. धोनी ने भारत के लिए कितने मैचों में कप्तानी की है? 

Ans. धोनी ने भारत के लिए 332 मैचों में कप्तानी की है। इनमें से 178 मैचों में जीत दर्ज की है और  वहीं 120 मैचों में उन्हें हार मिली है। 

Q. क्या धोनी ने टेस्ट क्रिकेट में दोहरा शतक लगाया है?

Ans. हाँ, धोनी ने 2013 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ चेन्नई टेस्ट में 224 रन बनाए थे। यह उनके टेस्ट करियर का सर्वोच्च स्कोर है।

Q. IPL में महेंद्र सिंह धोनी के नाम कौन-सा विकेटकीपिंग रिकॉर्ड है?

Ans. धोनी IPL में 200 विकेटकीपिंग डिसमिसल पूरे करने वाले पहले विकेटकीपर बने। इसमें कैच और स्टंपिंग दोनों शामिल हैं।

Q. क्या महेंद्र सिंह धोनी ने IPL में ऑरेंज कैप जीती है?

Ans. नहीं, धोनी ने IPL में ऑरेंज कैप नहीं जीती है। हालांकि, उन्होंने कई बेहतरीन पारियां खेलकर टीम की जीत में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

Q.महेंद्र सिंह धोनी का सबसे यादगार IPL रिकॉर्ड किससे जुड़ा है?

Ans. धोनी का एक प्रमुख IPL रिकॉर्ड कप्तानी से जुड़ा है। उन्होंने चेन्नई सुपर किंग्स को पांच IPL खिताब जिताए हैं, जो IPL इतिहास में संयुक्त रूप से सबसे अधिक हैं।

Photo: B A Raju / Times Of India / Wikimedia Commons — CC BY 3.0. Cropped from the original.

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