स्मृति मंधाना की जीवनी: भाई के अंदाज में शुरू किया था सफर, आज नाम है अनगिनत रिकॉर्ड और उपलब्धियां

स्मृति मंधाना की जीवनी (Smriti Mandhana Biography In Hindi) सभी वर्ग के युवाओं के लिए प्रेरणा की एक नई कहानी है। महज 16 साल की उम्र में स्मृति ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखा और फिर कई शानदार पारियों और रिकॉर्डो के दमपर उन्होंने कई कीर्तिमान अपने नाम किये। आज वह घरेलू क्रिकेट में महाराष्ट्र महिला टीम का प्रतिनिधित्व करती हैं और WPL में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की कप्तानी संभाल रही है। 

स्मृति मंधाना की जीवनी
स्मृति मंधाना की जीवनी

सितंबर 2026 में हांगकांग के खिलाफ एक बेहतरीन शतकीय पारी के साथ उन्होंने महिला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाली बल्लेबाज बनने का रिकॉर्ड भी अपने नाम किया है। आइये जानते हैं उनके रिकॉर्ड्स, उपलब्धियों, क्रिकेट करियर, अंतरराष्ट्रीय डेब्यू, शुरुआती जीवन और उनसे जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां।

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स्मृति मंधाना का जीवन परिचय | Smriti Mandhana Biography In Hindi 

स्मृति मंधाना का जन्म मुंबई, महाराष्ट्र में 18 जुलाई 1996 को हुआ था।  बाद में उनका परिवार मुंबई से महाराष्ट्र के सांगली जिले में शिफ्ट हो गया। इसके बाद स्मृति का बचपन और शुरुआती जीवन माधवनगर में बीता। फिर यहीं से उनका क्रिकेट सफर धीरे-धीरे आगे बड़ा। 

स्मृति की क्रिकेट प्रतिभा को देखते हुए उनके परिवार ने उन्हें घर पर ही प्रशिक्षण देना शुरू किया। जल्द ही उनकी प्रतिभा ने आकार लेना शुरू किया। 

उनके पिता श्रीनिवास मंधाना खुद सांगली में जिला स्तर पर क्रिकेट खेल चुके थे, जबकि उनके बड़े भाई श्रवण मंधाना भी क्रिकेट से जुड़े थे। भाई को क्रिकेट खेलते देखकर स्मृति के मन में भी इस खेल को लेकर रूचि जागृत हुई। 

स्मृति की मां स्मिता मंधाना ने भी उनके सफर में अहम भूमिका निभाई। परिवार ने उनकी क्रिकेट प्रतिभा को पहचानकर उन्हें आगे बढ़ने का पूरा माहौल दिया। 

इस प्रशिक्षण के दौरान उनके पिता ने उनकी क्रिकेट से जुड़ी गतिविधियों को संभाला और मां उनकी डाइट और दूसरी रोजमर्रा की जरूरतों का ध्यान रखा। 

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इस पारिवारिक माहौल ने स्मृति को एक क्रिकेट अकादमी जैसा वातावरण दिया। भाई से मिली प्रेरणा, पिता का क्रिकेट अनुभव और मां का लगातार सहयोग और खुद की मेहनत ने आगे चलकर उन्हें भारतीय महिला क्रिकेट का सबसे चर्चित बल्लेबाज बनाया। 

स्मृति मंधाना का परिवार में कौन कौन है:  भाई से मिली क्रिकेट की प्रेरणा, माता-पिता ने संवारा सपना

स्मृति मंधाना के परिवार में उनके पिता श्रीनिवास मंधाना, मां स्मिता मंधाना और बड़े भाई श्रवण मंधाना हैं। उनके पिता खुद जिला स्तर पर क्रिकेट खेल चुके थे, जबकि भाई भी क्रिकेट से जुड़े रहे है।

यही वजह रही कि स्मृति को बचपन से ही घर पर क्रिकेट का वातावरण मिला। भाई श्रवण के क्रिकेट शौक ने उन्हें क्रिकेट का दीवाना बनाया। उनकी इस प्रतिभा का सम्मान करते हुए उनके पिता ने उन्हें उचित ट्रेनिंग देना शुरू किया। 

स्मृति मंधाना की शिक्षा: क्रिकेट के साथ पढ़ाई को भी दी बराबर अहमियत 

स्मृति मंधाना ने अपनी शुरुआती पढ़ाई महाराष्ट्र के सांगली स्थित शारदाश्रम विद्यामंदिर से प्राप्त की। क्रिकेट का बढ़ाता जुनून उनकी शिक्षा पर हावी नही हुआ और स्कूल के साथ-साथ उन्होनें क्रिकेट की ट्रेनिंग पर भी बराबर ध्यान दिया। 

कम उम्र में क्रिकेट की ज्यादा प्रतिभा होने के कारण स्मृति का अधिकांश समय पढ़ाई और अभ्यास के बीच गुजरता था। लेकिन समय के साथ जरा जरा करके क्रिकेट उनका मुख्य करियर बन गया।

इसके बाद स्मृति ने आगे की शिक्षा के बजाय क्रिकेट को अधिक प्राथमिकता दी और फिर क्रिकेट के साथ साथ उन्होंने चिंवामन राव कॉलेज से बी कॉम की डिग्री ली।

स्मृति मंधाना की उम्र कितनी है? | Smriti Mandhana Age | जानिए उनकी उम्र और क्रिकेट का सफर

स्मृति मंधाना की उम्र अभी 30 साल है। उनका जन्म 18 जुलाई 1996 को मुंबई, महाराष्ट्र में हुआ था।  कम उम्र में क्रिकेट की दुनिया में कदम रखने वाली स्मृति ने देखते ही देखते आज भारतीय महिला क्रिकेट और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी एक शानदार पहचान बना चुकी है।

स्मृति मंधाना के कोच है: किसने दी उनकी बल्लेबाजी को सही दिशा?  

स्मृति मंधाना के मुख्य और प्रारंभिक कोच अनंत तांबवेकर रहे है। लेकिन पिता श्रीनिवास मंधाना की भी उनके शुरुआती प्रशिक्षण में महत्त्वपूर्ण भूमिका रही है। 

अनंत तांबवेकर ने स्मृति की बल्लेबाजी तकनीक के साथ-साथ उनकी फील्डिंग और फिटनेस पर महत्वपूर्ण काम किया। और उनकी शुरुआती प्रतिभा को निखारने में बड़ी भूमिका निभाई।

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स्मृति की सबसे बड़ी ताकत उनकी प्राकृतिक प्रतिभा के साथ साथ उनका अनुशासन और लगातार मेहनत और अभ्यास भी रही है। 

स्मृति मंधाना ने क्रिकेट की शुरुआत कब की और कितने साल की उम्र में क्रिकेटर बनीं?

स्मृति मंधाना अपने बड़े भाई श्रवण के क्रिकेट शौक से काफी प्रभावित थी और बचपन मे स्मृति अपने भाई के साथ उन्ही के अंदाज में बैट पकड़कर क्रिकेट का अभ्यास किया करती थी।  

शुरुआत में यह सिर्फ भाई की नकल थी, लेकिन धीरे-धीरे भाई का यह अंदाज, उनकी बल्लेबाजी  की खास पहचान बन गया। 

इसमें दिलचस्प बात यह है कि स्मृति स्वाभाविक रूप से दाएं हाथ की हैं। लेकिन अपने भाई के क्रिकेट अंदाज को अपनाकर वह भी बाएं हाथ से बैटिंग करने लगी। 

स्मृति ने लगभग 9 साल की उम्र में इस खेल को गम्भीरता से अपनाया शुरू किया और फिर इसके बाद उन्होनें अपने पिता और कोच अनंत तांबवेकर के मार्गदर्शन में क्रिकेट का प्रशिक्षण लिया। 

स्मृति मंधाना का घरेलू क्रिकेट करियर: 224 रन की पारी के साथ आगे बड़ते गए कदम 

सांगली में पली-बढ़ी स्मृति अपने बड़े भाई श्रवण मंधाना के क्रिकेट के शौक को देखकर इस खेल की ओर आकर्षित हुईं। स्मृति को अपने परिवार से ये खेल एक विरासत के रूप में मिला था।

इसलिए उनका ये शौक जल्द ही जुनून बदल गया इसके बाद उन्होंने सांगली में अनंत तांबेकर की क्रिकेट अकादमी में प्रशिक्षण लिया और यहाँ से उनकी इस खेल प्रतिभा को एक सही दिशा मिली। 

इसके बाद स्मृति की क्रिकेट प्रतिभा को इतनी जल्दी पहचान मिली कि सिर्फ 9 साल की उम्र में उनका चयन महाराष्ट्र की अंडर-15 टीम में हो गया। 

इस सफलता के दो साल बाद, महज 11 साल की उम्र में वह महाराष्ट्र की अंडर-19 टीम का हिस्सा बनी। अपने इस दौर में वह लगातार बड़े खिलाड़ियों के बीच खेलते हुए आगे बढ़ रही थीं। 

लेकिन उनका ये सफर उतना आसान नहीं था जितना आज नजर आता है। अंडर-19 टीम में जगह बनाने के बावजूद शुरुआती समय में उन्हें  प्लेइंग इलेवन में तुरंत और नियमित खेलने के मौके नही मिले। 

इसी दौरान स्मृति के जीवन मे पढ़ाई और क्रिकेट के बीच चुनाव का समय भी आया। 10वीं के बाद आगे की पढ़ाई को लेकर उन्हें फैसला लेना था, पर परिवार ने उनके सपने को ज्यादा प्राथमिकता दी।

स्मृति मंधाना की सीनियर टीम में एंट्री: 15 साल की उम्र में महाराष्ट्र टीम का बनीं हिस्सा

साल 2011 में करीब 15 साल की उम्र में स्मृति को महाराष्ट्र की सीनियर टीम में खेलने का मौका मिला। उन्होंने सौराष्ट्र के खिलाफ अपने डेब्यू मैच में उन्होंने 155 रन की शानदार पारी खेलकर अपनी युवा बल्लेबाजी का शानदार परिचय दिया।  

अक्टूबर 2013: स्मृति मंधाना के क्रिकेट करियर का खास पल, लिस्ट-A क्रिकेट में हुई एंट्री

अक्टूबर 2013 स्मृति के करियर के लिए बेहद खास रहा। उन्हें महाराष्ट्र की ओर से लिस्ट-ए क्रिकेट में खेलने का मौका मिला और उन्होंने वेस्ट जोन अंडर-19 मुकाबले में गुजरात के विरुद्ध सिर्फ 150 गेंदों पर नाबाद 224 रन की एक बड़ी आकर्षक पारी खेली। 

इसी के साथ वह लिस्ट-ए क्रिकेट में दोहरा शतक लगाने वाली पहली भारतीय महिला क्रिकेटर बनीं। स्मृति की इस पारी ने उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर रातों रात सुर्खियों में ला दिया। 

स्मृति मंधाना का अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट करियर: 16 साल की उम्र में शुरुआत से रिकॉर्ड्स तक का सफर

घरेलू और आयु वर्ग  क्रिकेट में लगातार शानदार प्रदर्शन के बाद स्मृति मंधाना ने चयनकर्ताओं का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। आखिरकार 2013 में महज 16 साल की उम्र में उन्हें बांग्लादेश के विरुद्ध अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण करने का मौका मिला। 

इसके बाद उन्होंने जल्द ही ODI और फिर कुछ समय बाद टेस्ट क्रिकेट मे भी भारत के लिए खेलते हुए पदार्पण किया। 

स्मृति मंधाना का T20I डेब्यू कब हुआ: 16 साल की उम्र में बांग्लादेश के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय शुरुआत 

स्मृति मंधाना ने करीब 16 साल की उम्र में T20I क्रिकेट से अपने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट करियर की शुरुआत की। स्मृति ने बांग्लादेश के खिलाफ 5 अप्रैल 2013 को वडोदरा के रिलायंस स्टेडियम में अपना T20I डेब्यू किया। 

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स्मृति मंधाना ने अपने T20I डेब्यू मैच में 36 गेंदों पर 39 रन बनाए। उनकी इस पारी में 4 चौके थे इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 108.33 रहा। और भारत ने यह मुकाबला 10 रन से जीता।

स्मृति मंधाना ने ODI क्रिकेट में डेब्यू कब किया: 16 साल की उम्र में बांग्लादेश के खिलाफ हुई वनडे शुरुआत 

बांग्लादेश के खिलाफ 10 अप्रैल 2013 को अहमदाबाद के सरदार पटेल स्टेडियम, मोटेरा में स्मृति ने वनडे क्रिकेट में डेब्यू किया था इस डेब्यू के समय उनकी उम्र करीब 16 साल थी। 

अपने इस डेब्यू मैच में उन्होंने 35 गेंदों पर 25 रन बनाए, जिसमें 3 चौके शामिल थे। इस पारी के दौरान उनका स्ट्राइक रेट 71.42 रहा और भारत ने यह मैच 46 रन से जीता। 

स्मृति मंधाना का टेस्ट डेब्यू: 18 साल की उम्र में इंग्लैंड के खिलाफ यादगार शुरुआत 

ODI और T20I क्रिकेट की ब्लू जर्सी के बाद स्मृति मंधाना ने 13 अगस्त 2014 को क्रिकेट मैदान पर सफेद रंग की जर्सी अपना टेस्ट डेब्यू किया। इस डेब्यू के समय उनकी उम्र महज 18 साल थी। 

स्मृति ने अपना टेस्ट डेब्यू मैच इंग्लैंड के खिलाफ वॉर्म्सली के सर पॉल गेटी ग्राउंड पर खेला था। और  इस मैच में भारत ने इंग्लैंड को 6 विकेट से हराकर यह टेस्ट अपने नाम किया था। 

टेस्ट की पहली पारी में स्मृति ने 67 गेंदों पर 22 रन बनाए। लेकिन एक अच्छी शुरुआत के बाद वह अपनी इस पारी को बड़ी पारी में कन्वर्ट नहीं कर पायी। 

लेकिन दूसरी पारी में लक्ष्य का पीछा करते हुए स्मृति ने 91 गेंदों पर 51 रन की शानदार पारी खेली और अपना पहली टेस्ट हॉफ सेंचुरी पूरी की। 

स्मृति मंधाना का WPL करियर: ₹3.4 करोड़ में RCB से शुरुआत और दो बार बनीं चैंपियन

स्मृति मंधाना के WPL (Women’s Premier League) करियर की शुरुआत 2023 में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु  के साथ हुई। पहले ही WPL ऑक्शन में RCB ने उन्हें ₹3.4 करोड़ में खरीदा और टीम का कप्तान भी बनाया। 

शुरुआत भले ही आसान नहीं रही, लेकिन स्मृति ने अपनी बल्लेबाजी और नेतृत्व से टीम के साथ लगातार आगे बड़ी और फिर अगले साल उन्होंने टीम की कहानी बदली। 

2024 में उनकी कप्तानी में RCB ने दिल्ली कैपिटल्स को हराकर अपना पहला WPL खिताब जीता। इसके बाद 2026 में भी RCB ने खिताब अपने नाम किया और स्मृति की अगुआई में टीम दो बार WPL चैंपियन बनी। 

स्मृति मंधाना ने WPL डेब्यू कब किया: 26 साल की उम्र में RCB की कप्तान बनकर शुरू किया WPL का  सफर 

स्मृति मंधाना ने 5 मार्च 2023 को 26 साल की उम्र में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) की कप्तान के रूप में खेलते हुए उन्होंने WPL (महिला प्रीमियर लीग) में डेब्यू किया। 

स्मृति ने अपना यह डेब्यू मैच मुंबई के ब्रेबोर्न स्टेडियम में दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ खेला मंधाना ने इस मैच में टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का निर्णय लिया। 

लेकिन दिल्ली कैपिटल्स ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 223/2 का विशाल स्कोर बनाया। जिसके जवाब में RCB की टीम 20 ओवर में 163/8 रन ही बना सकी। इस तरह दिल्ली कैपिटल्स ने यह मुकाबला 60 रन से जीत लिया। 

कप्तान के रूप में अपने डेब्यू मैच में उन्होंने 23 गेंदों पर 35 रन बनाए, जिसमें 5 चौके और 1 छक्का शामिल था। इस पारी के  दौरान उनका स्ट्राइक रेट 152.17 रहा।

स्मृति मंधाना का सबसे सफल WPL सीजन और कप्तानी में 2 खिताब

स्मृति मंधाना के WPL करियर में 2026 का सीजन सबसे खास रहा। उन्होंने बल्ले से 9 मैचों में 53.86 की औसत से  377 रन बनाकर Orange Cap अपने नाम की। 

इसी के साथ उन्होंने अपनी कप्तानी में RCB को दूसरी बार WPL चैंपियन बनाया। इस सीजन उनका उनका सर्वोच्च स्कोर 96 रन रहा 

इससे पहले 2024 में भी उनकी कप्तानी में RCB ने अपना पहला WPL खिताब जीता था। यानी मंधाना की कप्तानी में RCB अब तक दो बार चैंपियन बन चुकी है। 

2026 के फाइनल में दिल्ली के खिलाफ उनकी 87 रन की मैच जिताऊ पारी ने, इस सीजन को उनके लिए यादगार बना दिया। अपने पहले WPL सीजन में स्मृति मंधाना ने कुल 149 रन बनाए थे।

स्मृति मंधाना का सर्वोच्च स्कोर | Smriti Mandhana Highest Score 

स्मृति मंधाना ने अपने क्रिकेट करियर में घरेलू क्रिकेट से लेकर अंतरराष्ट्रीय मंच तक कई यादगार पारियां खेली हैं। तो चलिए जानते हैं स्मृति मंधाना के सर्वोच्च स्कोर, किस टीम के खिलाफ, कब और किस मैदान पर बनाए गये है और  साथ ही उन पारियों से जुड़े खास रिकॉर्ड भी।

स्मृति मंधाना का घरेलू क्रिकेट में सर्वोच्च स्कोर कितना है? गुजरात के खिलाफ 224 रन की ऐतिहासिक पारी 

घरेलू अंडर-19 क्रिकेट में स्मृति मंधाना का सर्वोच्च 224 रन नाबाद रहा है उन्होंने यह पारी 29 अक्टूबर 2013 को वडोदरा के एलेम्बिक क्रिकेट ग्राउंड में महाराष्ट्र की ओर से खेलते हुए गुजरात  के खिलाफ 150 गेंदों पर नाबाद खेली थी। 

उनकी इस ऐतिहासिक पारी में 32 चौके और 3 छक्के शामिल थे। इस पारी के दम पर महाराष्ट्र ने 372 रन बनाए और गुजरात की पूरी टीम 32 रन पर सिमट गई। और इसी के साथ उस समय 17 वर्षीय मंधाना एकदिवसीय क्रिकेट में दोहरा शतक लगाने वाली पहली भारतीय महिला बनी थीं।

स्मृति मंधाना का घरेलू List A क्रिकेट में सर्वोच्च स्कोर: 136 रन की शानदार पारी 

सीनियर घरेलू List A क्रिकेट में मंधाना का सर्वोच्च स्कोर 136 रन है। यह शानदार पारी उन्होंने 30 जनवरी 2024 को धनबाद के रेलवे स्टेडियम में वेस्ट जोन की ओर से ईस्ट जोन के खिलाफ 118 गेंदों पर 47.98 की औसत से 136 रन बनाए। इस पारी में 15 चौके और 5 छक्के शामिल रहे थे। 

स्मृति मंधाना का घरेलू T20 में सर्वोच्च स्कोर कितना है: मिजोरम के खिलाफ 121 रन

घरेलू T20 क्रिकेट में स्मृति का सर्वोच्च स्कोर 121 रन रहा है। उन्होंने 22 अक्टूबर 2023 को भुवनेश्वर के KIIT स्टेडियम में महाराष्ट्र की ओर से मिजोरम के खिलाफ यह पारी खेली।

महाराष्ट्र ने उस मुकाबले में 207/4 बनाए और फिर 99 रन से एक बेहतरीन जीत दर्ज की। घरेलू T20 में मंधाना का करियर बल्लेबाजी औसत  लगभग 32.04 है।

स्मृति मंधाना का WPL में सर्वोच्च स्कोर कितना है? 96 रन की शानदार पारी का प्रदर्शन 

WPL में स्मृति का सर्वोच्च स्कोर 96 रन है। उन्होंने 17 जनवरी 2026 को नवी मुंबई के डॉ. डी.वाई. पाटिल स्पोर्ट्स अकादमी में दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ 61 गेंदों पर 96 रन की ये शानदार पारी प्रदर्शन किया था।

उनकी इस पारी में 13 चौके और 3 छक्के शामिल थे और RCB ने यह मुकाबला 8 विकेट से जीता। WPL में स्मृति का करियर औसत 31.00 रहा है।  

स्मृति मंधाना का टेस्ट में सर्वोच्च स्कोर कितना है? दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 149 रन

टेस्ट क्रिकेट में स्मृति मंधाना का सर्वोच्च स्कोर 149 रन है। उन्होंने 28 जून 2024 को यह स्कोर उन्होंने चेन्नई के एम.ए. चिदंबरम स्टेडियम में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 28 जून 2024 को बनाया था। 

स्मृति ने अपनी यह पारी 161 गेंदों में खत्म की थी और इस पारी के दौरान उन्होंने  27 चौके और 1 छक्का लगाया। इसी टेस्ट की पहली पारी में शफाली वर्मा ने 205 रन बनाए और भारत ने मुकाबला 10 विकेट से जीता। 

स्मृति मंधाना का ODI में सर्वोच्च स्कोर कितना है? दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 136 रन

ODI क्रिकेट में मंधाना का सर्वोच्च स्कोर 136 रन है। उन्होंने यह पारी दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 19 जून 2024 को बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेली थी। 136 रन की इस पारी के दौरान उन्होंने 18 चौके और 2 छक्के लगाए और 120 गेंदों का सामना किया। भारत ने इस मुकाबले में 4 रन से विजय रहा। 

स्मृति मंधाना का T20I में सर्वोच्च स्कोर कितना है: हांगकांग के खिलाफ 124 रन

T20I क्रिकेट में मंधाना का सर्वोच्च स्कोर 124 रन है। उन्होंने यह स्कोर 3 सितंबर 2026 को हांगकांग में चीन के खिलाफ महिला एशिया कप के दौरान 64 गेंदों पर बनाया था। उनकी इस पारी में 14 चौके और 7 छक्के शामिल रहे थे और भारत ने हांगकांग को इस मैच में 137 रन से हराया था। 

स्मृति मंधाना: महिला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाली बल्लेबाज 

महिला एशिया कप 2026 में 3 सितंबर 2026 को स्मृति मंधाना ने एक बड़ा विश्व रिकॉर्ड अपने नाम किया। उन्होंने दुबई में हांगकांग के खिलाफ 64 गेंदों पर 14 चौके और 7 छक्कों की मदद से 124 रन की एक शानदार पारी खेली। 

इस पारी के दौरान स्मृति ने पूर्व भारतीय कप्तान मिताली राज के 10,868 अंतरराष्ट्रीय रनों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के तीनों फॉर्मेट में कुल 10,880 अंतरराष्ट्रीय बनाकर यह रिकॉर्ड अपने नाम किया और वह महिला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाली बल्लेबाज बन गईं। 

दाएं हाथ की स्मृति मंधाना ने आखिर बाएं हाथ से बल्लेबाजी करना कैसे सीखा?

स्मृति मंधाना को देखकर शायद ही कोई अंदाजा लगाए कि वह स्वाभाविक रूप से दाएं हाथ की हैं। क्रिकेट में उनकी पहचान बाएं हाथ की बल्लेबाज के रूप में बनी, और इसके पीछे उनके बड़े भाई श्रवण की खास भूमिका रही। बचपन में स्मृति भाई को बाएं हाथ से बल्लेबाजी करते हुए देखती थीं और उनकी नकल करते-करते खुद भी उसी अंदाज में ढल गयी। 

स्मृति मंधाना की बल्लेबाजी शैली कैसी है: खूबसूरत शॉट्स और शानदार टाइमिंग 

स्मृति मंधाना बाएं हाथ की आक्रामक बल्लेबाज हैं, लेकिन उनकी बल्लेबाजी में सिर्फ तेजी ही नहीं, बल्कि बेहतरीन टाइमिंग और शॉट चयन की झलक साफ नजर आती है। 

स्मृति खासकर कवर और ऑफ-साइड में शानदार शॉट खेलने के लिए जानी जाती हैं। गेंद की लंबाई को जल्दी पढ़कर और फिर आगे बढ़कर खेलना उनकी उनकी खेल शैली की सबसे बड़ी विशेषता है। 

स्मृति मंधाना की बल्लेबाजी की सबसे बड़ी ताकत क्या है? शानदार टाइमिंग और आक्रामक शॉट 

स्मृति मंधाना की बल्लेबाजी की सबसे बड़ी ताकत टाइमिंग, शॉट चयन और गेंद की लंबाई को जल्दी पहचानना है। कवर ड्राइव और ऑफ-साइड के शॉट उनकी बल्लेबाजी की खास पहचान हैं। 

तेज गेंदबाजों के खिलाफ वह गेंद की गति का अच्छा इस्तेमाल करती हैं, जबकि स्पिनरों के सामने कदमों का इस्तेमाल कर रन बनाने में माहिर हैं। 

स्मृति मंधाना ने कुल कितने शतक लगाए हैं | Smriti Mandhana Total Centuries 

स्मृति मंधाना के नाम अभी कुल 18 अंतरराष्ट्रीय शतक दर्ज हैं। और साथ ही साथ वह महिला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा शतक लगाने वाली बल्लेबाज भी है। 

स्मृति मंधाना ने टेस्ट क्रिकेट में 2, ODI क्रिकेट में 14 और T20I क्रिकेट में 2 शतक लगाए हैं। इस प्रकार उन्होंने तीनों अंतरराष्ट्रीय फॉर्मेट में शतक बनाने वाली भारतीय महिला बल्लेबाज के रूप में अपनी अलग पहचान बनाई है। 

स्मृति मंधाना का निजी जीवन कैसा है? परिवार और क्रिकेट से बाहर की जिंदगी 

स्मृति मंधाना का निजी जीवन (Smriti Mandhana Personal Life)  क्रिकेट के मैदान से काफी अलग, सरल और कई रुचियों से जुड़ा हुआ है। मुंबई में जन्मी स्मृति काफी सरल और सामान्य जीवन पसंद करती हैं। 

क्रिकेट के व्यस्त कार्यक्रम के बीच उन्हें परिवार के साथ समय बिताना, फिल्में देखना, गेमिंग करना और खाना बनाना काफी पसंद है।  

स्मृति मंधाना के पसंदीदा खिलाड़ी और कलाकार | Smriti Mandhana’s Favorite Cricketers and Celebrities 

क्रिकेट में उनके आदर्श खिलाड़ी सचिन तेंदुलकर और कुमार संगकारा से वो काफी ज्यादा प्रभावित  है। क्रिकेट खेल के अलावा वह सेरेना विलियम्स और एलेक्स मॉर्गन को भी पसंद करती हैं। 

मनोरंजन या फिल्मों की बात करें तो अरिजीत सिंह उनके पसंदीदा गायकों में शामिल है, जबकि अभिनेता के तौर पर वो ऋतिक रोशन और अभिनेत्रियों में आलिया भट्ट की काफी प्रशंसक रही है। 

स्मृति मंधाना की प्रमुख रिकार्ड और उपलब्धियां | Smriti Mandhana Records And A chievements 

अपने बड़े भाई श्रवण के अंदाज में अपने क्रिकेट सफर की शुरुआत करने वाली स्मृति के नाम आज कई रिकॉर्ड और उपलब्धियां है उनमें से कुछ कुछ महत्वपूर्ण रिकॉर्ड और उपलब्धियां हम आपके लिए लेके आये है। 

2013 में 224 रन की ऐतिहासिक पारी: गुजरात अंडर-19 के खिलाफ 224* रन बनाकर मंधाना ने कम उम्र में अपनी बेहतरीन बल्लेबाजी क्षमता बड़ी पहचान बनाई। उस समय यह पारी उनके लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि थी।

16 साल की उम्र में अंतरराष्ट्रीय डेब्यू: 2013 में बांग्लादेश के खिलाफ T20I और ODI डेब्यू करके उन्होंने बहुत कम उम्र में भारतीय अंतरराष्ट्रीय  क्रिकेट टीम में जगह बनाई।

तीनों अंतरराष्ट्रीय फॉर्मेट में शतक: स्मृति मंधाना टेस्ट, ODI और T20I तीनों फॉर्मेट में शतक बनाने वाली पहली भारतीय महिला बल्लेबाज है। यह उनकी क्रिकेट करियर की सबसे बेहतरीन उपलब्धियों में से एक है। 

ICC Women’s Cricketer of the Year 2018:  2018 में स्मृति मंधाना को ICC की महिला क्रिकेटर ऑफ द ईयर चुना गया। 

ICC Women’s Cricketer of the Year 2018:  शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें ICC की ओर से यह प्रतिष्ठित पुरस्कार मिला।

ICC Women’s Cricketer of the Year 2021:  2021 में भी उन्हें ICC की सर्वश्रेष्ठ महिला क्रिकेटर का पुरस्कार मिला।

ICC Women’s ODI Cricketer of the Year 2018: वनडे क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें यह सम्मान मिला।

2024 में ICC Women’s ODI Cricketer of the Year: वनडे क्रिकेट में लगातार बेहतरीन प्रदर्शन के बाद उन्होंने यह पुरस्कार दूसरी बार जीता।

2024 में RCB को WPL चैंपियन बनाया: स्मृति मंधाना की कप्तानी में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने पहली बार महिला प्रीमियर लीग का खिताब जीता।

2025 महिला वनडे विश्व कप में सर्वाधिक रन का रिकॉर्ड: 2025 विश्व कप में स्मृति मंधाना ने 434 रन बनाए और एक महिला विश्व कप संस्करण में सर्वाधिक रन बनाने का रिकॉर्ड अपने नाम किया। और इसी के साथ उन्होंने मिताली राज के 2017 के 409 रन के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ा। 

2025 में भारत को पहली महिला ODI विश्व कप ट्रॉफी जिताने में अहम भूमिका: भारत ने 2025 महिला क्रिकेट विश्व कप पहली बार जीता और फाइनल में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ स्मृति ने 45 रन बनाकर टीम को मजबूत शुरुआत दी।

2026 में RCB को दूसरी बार WPL चैंपियन बनाया: 

स्मृति मंधाना की कप्तानी में RCB ने 2026 में दिल्ली कैपिटल्स को 6 विकेट से हराकर अपना दूसरा WPL खिताब जीता। फाइनल में मंधाना ने 41 गेंदों पर 87 रन की एक आक्रामक पारी खेली थी। 

2026 WPL में ऑरेंज कैप अपने नाम की: 2026 WPL में मंधाना ने 377 रन बनाए और सीजन की सर्वाधिक रन बनाने वाली बल्लेबाज रहीं। फाइनल में उनकी 87 रन की पारी भी बेहद महत्वपूर्ण रही।

3 सितंबर 2026 को महिला एशिया कप में हांगकांग के खिलाफ 124 रन की पारी: इस पारी के दौरान मंधाना ने मिताली राज के 10,868 अंतरराष्ट्रीय रन के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। स्मृति के नाम अब 10,880 रन हो गए और वह महिला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सर्वाधिक रन बनाने वाली बल्लेबाज बन गईं। 

महिला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा शतक: हांगकांग के खिलाफ 124 रन की पारी उनका 18वां अंतरराष्ट्रीय शतक था। इसके साथ उन्होंने मेग लैनिंग को पीछे छोड़कर महिला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सर्वाधिक शतक का रिकॉर्ड अपने नाम किया।

2024-25 में ODI में भारत की सबसे ज्यादा रन बनाने वाली बल्लेबाज: स्मृति ने 2024-25 के सत्र में मंधाना ने 24 ODI में 54.62 की औसत से कुल  1311 रन बनाए और इस दौरान उन्होंने 6 शतक और 5 अर्धशतक लगाए। 

स्मृति मंधाना के बारे में सबसे ज्यादा पूछें जाने वाले सवाल: (FAQs)

Q. स्मृति मंधाना को खाने में क्या पसंद है?

Ans. स्मृति मंधाना को भेलपुरी, पानीपुरी और सेवपुरी जैसी चाट पसंद है। और विदेश दौरों पर उन्हें भेल की काफी याद आती है।

Q. स्मृति मंधाना का पसंदीदा चीट मील क्या है?

Ans. स्मृति के पसंदीदा चीट मील में भेलपुरी, पानीपुरी और सेवपुरी शामिल हैं। उन्हें  टपरी वाली पानीपुरी ज्यादा पसंद है।

Q. क्या स्मृति मंधाना को खाना बनाना पसंद है?

Ans. हां, खाना बनाना स्मृति मंधाना के खास शौक में शामिल है। उन्होंने बताया है कि अगर वह क्रिकेटर नहीं बनतीं, तो वह शेफ बनना पसंद करतीं। उन्होंने चौथी कक्षा में खाना बनाना सीखना शुरू किया था। 

Q. स्मृति मंधाना की पसंदीदा अभिनेत्री कौन हैं?

Ans. स्मृति ने एक पुराने इंटरव्यू में आलिया भट्ट का नाम पसंदीदा अभिनेत्रियों में लिया था। 

Q. स्मृति मंधाना के पसंदीदा अभिनेता कौन हैं?

Ans. स्मृति मंधाना ऋतिक रोशन की बड़ी प्रशंसक हैं। उन्होंने कई मौकों पर ऋतिक रोशन को अपना पसंदीदा अभिनेता बताया है 

Q. स्मृति मंधाना को खाली समय में क्या करना पसंद है?

Ans. खाली समय में स्मृति को वीडियो गेम खेलना, संगीत सुनना और फिल्में देखना काफी  पसंद है। 

Q. स्मृति मंधाना को कौन-सा गेम खेलना पसंद है?

Ans. स्मृति को FIFA और दूसरे वीडियो गेम खेलना पसंद है। उन्होंने अपने खाली समय में गेमिंग करने की बात कही है

Q. स्मृति मंधाना की पसंदीदा क्रिकेटर कौन हैं?

Ans. स्मृति मंधाना के पसंदीदा क्रिकेटरों में कुमार संगकारा और सचिन तेंदुलकर शामिल हैं। वह कुमार संगकारा की बल्लेबाजी से काफी प्रभावित रही हैं। 

Q. स्मृति मंधाना को कौन-सा खेल क्रिकेट के अलावा पसंद है?

Ans. स्मृति को क्रिकेट के अलावा टेबल टेनिस और फुटबॉल पसंद हैं। 

Q. स्मृति मंधाना का जर्सी नंबर क्या है?

Ans. स्मृति मंधाना की भारतीय टीम की जर्सी का नंबर 18 है। 

Q. स्मृति मंधाना की बल्लेबाजी शैली कैसी है?

Ans. स्मृति मंधाना बाएं हाथ की बल्लेबाज हैं। हालांकि स्वाभाविक रूप से वह दाएं हाथ की हैं। 

Q. स्मृति मंधाना की बल्लेबाजी की सबसे बड़ी ताकत क्या है?

Ans. स्मृति की बल्लेबाजी की सबसे बड़ी खूबियों में टाइमिंग, शॉट चयन और ऑफ साइड पर शॉट खेलने की क्षमता शामिल है। 

Q. स्मृति मंधाना ने महिला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन का रिकॉर्ड कब बनाया?

Ans. स्मृति ने 3 सितंबर 2026 को हांगकांग के खिलाफ 124 रन की पारी के दौरान मिथाली राज के 10,868 अंतरराष्ट्रीय रनों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ा। उनकी पारी के बाद उनके अंतरराष्ट्रीय रनों की संख्या 10,880 हो गई। और यह रिकॉर्ड उनके नाम हो गया। 

Q. स्मृति मंधाना ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 10 हजार रन कब पूरे किए थे?

Ans. स्मृति ने 28 दिसंबर 2025 को श्रीलंका के खिलाफ T20I मैच में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 10,000 रन पूरे किए थे। वह यह उपलब्धि हासिल करने वाली दूसरी भारतीय महिला क्रिकेटर बनी थीं। 

Q. स्मृति मंधाना का सबसे बड़ा अंतरराष्ट्रीय स्कोर क्या है?

Ans. सितंबर 2026 तक उनका सबसे बड़ा अंतरराष्ट्रीय स्कोर 124 रन है, जो उन्होंने 3 सितंबर 2026 को हांगकांग के खिलाफ T20I मुकाबले में बनाया था। 

Q. स्मृति मंधाना के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कुल कितने शतक हैं?

Ans. अब तक स्मृति मंधाना के नाम 18 अंतरराष्ट्रीय शतक हैं। 

Q. स्मृति मंधाना का सबसे बड़ा घरेलू क्रिकेट रिकॉर्ड क्या है?

Ans. स्मृति ने 29 अक्टूबर 2013 को गुजरात अंडर-19 के खिलाफ 224 रन* की ऐतिहासिक पारी खेली थी।

निष्कर्ष: 

स्मृति मंधाना की जीवनी (Smriti Mandhana Biography In Hindi) एक ऐसी क्रिकेटर की कहानी है, जिसने कम उम्र में क्रिकेट की शुरुआत कर अपनी मेहनत और शानदार बल्लेबाजी से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग पहचान बनाई। घरेलू क्रिकेट की ऐतिहासिक पारी से लेकर तीनों फॉर्मेट में शतक और 10 हजार से अधिक अंतरराष्ट्रीय रन तक, उनका सफर उपलब्धियों से भरा रहा है। सितंबर 2026 में 18वां अंतरराष्ट्रीय शतक और सबसे ज्यादा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में रन उनके सफर की बड़ी उपलब्धि बना।

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